हर साल बारिश के दुनिया में कर्इ चौंकाने वाले उदाहरण देखने को मिलते हैं। कहीं बरसात रिकॉर्ड तोड़ होती है तो कहीं पूरे 12 महीने पानी की बूंदों के लिए तरसना पड़ता है। कर्क रेखा के निकट वाले भूखंड यानि कि भारतीय उपमहाद्वीप को मानसूनी प्रदेशों में गिना जाता है, ऐसे में यहां जून से सितंबर तक के महीने भी मानसूनी होते हैं। कभी-कभार सालभर बारिश का दौर चलता है।

यहां होती है सबसे ज्यादा बारिश

भारत के मेघालय प्रांत में चेरापूंजी को अंधाधुध बारिश के लिए जाना जाता है, पर हकीकत में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश वाली जगह है मेघालय का मासिनराम। यहां चेरापूंजी से भी 100 मिलीमीटर ज्यादा बारिश होती है। इसी वजह से मासिनराम का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। यहां औसतन हर साल 11,871 मिलीमीटर बारिश होती है। मासिनराम की रिकॉर्डतोड़ बारिश में से 90 फीसदी महज छह महीनों के भीतर हो जाती है। यहां जुलाई में सबसे ज़्यादा बारिश होती है।

चेन्नर्इ में टूटा 100 साल का रिकॉर्ड

नवंबर-दिसंबर में तमिलनाडु में भारी बारिश हुर्इ, इससे करीब एक महीने जनजीवन ठप रहा। एयरपोर्ट, मोबाइल और एटीएम भी बंद करने पडे़। 30 नवंबर की शाम तक 48 घंटे में ही चेन्नर्इ में 1197 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान करीब 15,000 करोड़ का नुकसान हुआ और 300 से अधिक लोगों की जानें गर्इं। हालांकि मौत के आंकडे़ इसलिए कम रहे चूंकि भारतीय सेना ने बेहद फुर्ती से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए और लाखों जिंदगियां बचा लीं।

Posted By: Preeti jha

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