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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

म्यूजिक या लोकगीतों से है प्यार तो इन 5 जगहों पर जरूर घूमें आप

By Pratima JaiswalEdited By:
Published: Wed, 04 Jul 2018 05:49 PM (IST)

भारतीय शास्त्री य संगीत का सबसे लोकप्रिय कर्नाटक संगीत यहां काफी मशहूर है।

म्यूजिक या लोकगीतों से है प्यार तो इन 5 जगहों पर जरूर घूमें आप
म्यूजिक या लोकगीतों से है प्यार तो इन 5 जगहों पर जरूर घूमें आप

घूमना-फिरना, खाना-पीना और मस्ती।  हम में से ऐसे बहुत से लोग है जिनकी जिंदगी में ये सब बहुत मायने रखता है।  अगर आप भी ऐसे ही ट्रैवलर हैं, जिन्हें घूमने-फिरने, खाने-पीने के अलावा म्यूजिक का भी शौक है, तो हम आपको बता रहे हैं म्यूजिकल डेस्टिनेशन्स के बारे में।  

वाराणसी

यूनेस्को द्वारा वाराणसी को 'संगीत का शहर' भी घोषि‍त किया जा चुका है। भगवान शिव द्वारा बसाई गई इस भूमि‍ पर संगीत और नृत्य का प्राचीन काल से गहरा जुड़ाव है। इस शहर से पूरे देश में संगीत के सुर गूंजते हैं। संगीत की दुनिया के सितारे पंडित रविशंकर, मुखर संगीतकार गिरिजा देवी और शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान जैसी बड़ी हस्तिर‍यां भी बनारस से ही थीं। इसलिए इस शहर को ‘सिटी ऑफ म्यूजि‍क’ कहना तो बनता है। 

बेंगलुरु

भारतीय शास्त्री य संगीत का सबसे लोकप्रिय कर्नाटक संगीत यहां काफी मशहूर है। कर्नाटक संगीत ज्यादातर भक्ति संगीत के रूप में होता है। दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में यह संगीत लोकप्रि‍य है। आपको इस शहर में कर्नाटक कॉन्सर्ट और कर्नाटक संगीत नाम से कई बड़े इंस्टीट्यूट भी मिल जाएंगे। कनार्टक संगीत यहां के लोगों को शांति, समृद्ध और खुशी प्रदान करता है। शहर में कहीं न कहीं इस संगीत के कार्यक्रम होते हैं। यहां पर आने वाले पयर्टक इसे एक बार जरूर सुनते हैं। 

पंजाब 

इस लिस्ट में पंजाब का नाम न हो ऐसा शायद ही हो। पंजाब में गायन के अनेक रूप है जो सदियों पुराने संगीत वाद्ययंत्र के साथ आज भी अपनी एक अलग बनाए हैं। पजांब में उत्सवों की शुरुआत ही ढोल संगीत के साथ शुरू होती है। यहां शादी समारोह हो या फिर कोई त्योहार यहां भांगड़ा, गिद्दा तो यहां की शान हैं। पंजाबी संगीत को जीवंत, सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है। 

राजस्थान

 

राजस्थान का संगीत भी अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। राजस्थान के संगीत में लोक देवताओं पर ज्यादा फोकस होता है। यहां उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और जयपुर को राजस्थान संगीत की उत्पत्ति का प्रतीक माना जाता है। यहां संगीत अलग-अलग जातियों और जनजातियों के हिसाब से भी है। बहुत-सी जातियां ऐसी हैं, जो यहां संगीत को पूर्वजों की दी हुई विरासत के रूप में सहेजने का काम करती है। संगीत की धुनों पर किया जाने वाला घूमर डांस काफी पॉपुलर है। 

 

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