स्लीप डिवोर्स हुआ पुराना, अब कपल्स के बीच छा रहा 'फूड डिवोर्स', हैरान कर देगा शादीशुदा लोगों का ये नया ट्रेंड
स्लीप डिवोर्स के बाद अब कपल्स के बीच 'फूड डिवोर्स' का नया ट्रेंड सामने आया है। कपल्स इस ट्रेंड को काफी पसंद भी कर रहे हैं।

क्या है फूड डिवोर्स का मतलब? (AI Generated Image)
HighLights
कपल्स अपनी पसंद और डाइट के अनुसार अलग खाना खाते हैं
सेहत के लिए जागरूकता और खान-पान की आदतें मुख्य कारण हैं
यह खाने को लेकर होने वाले तनाव और झगड़ों को कम करता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपने स्लीप डिवोर्स के बारे में सुना होगा, जिसमें कपल्स अलग-अलग सोते हैं, ताकि सोने की आदतों की वजह से उनके बीच झगड़ा न हो। लेकिन ये ट्रेंड अब पुराना हो चुका है। हाल ही में, एक नया ट्रेंड सामने आया है, जिसे फूड डिवोर्स कहा जा रहा है।
जी हां, अब कपल्स फूड डिवोर्स अपना रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या वो अलग-अलग समय पर खाना खाते हैं या एक साथ बैठकर खाना नहीं खाते, लेकिन ये इतना सिंपल नहीं है। आइए जानें फूड डिवोर्स होता क्या है और क्यों कपल्स इसे अपना रहे हैं।
क्या होता है फूड डिवोर्स?
इस ट्रेंड के नाम में डिवोर्स होने की वजह से ये भले ही थोड़ा नेगेटिव ट्रेंड लग सकता है, लेकिन इसका रिश्ता टूटने से कोई लेना-देना नहीं है। फूड डिवोर्स में कपल्स एक ही घर में रहते हुए अपनी-अपनी पसंद, डाइट या समय के हिसाब से खाना पकाते हैं और खाते हैं।
इसमें कपल्स अपनी सहूलियत और सेहत को ध्यान में रखते हुए खाना खाते हैं और अपनी पसंद को दूसरे पर थोपते नहीं हैं। यानी एक घर में सिर्फ एक व्यक्ति की पसंद का खाना नहीं बन रहा है। पति-पत्नी दोनों ही अपनी पसंद के हिसाब से खाना खाते हैं।
कपल्स क्यों पसंद कर रहे हैं ये ट्रेंड?
आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। हर व्यक्ति के अपने फिटनेस गोल्स हैं। साथ ही, सभी की डाइट भी अलग-अलग है, जैसे कोई कीटो डाइट फॉलो करता है, कोई वीगन, कोई इंटरमिटेंट फास्टिंग करता है, तो कोई सिंपल तीन टाइम का खाना खाना चाहता है। ऐसे में दोनों के लिए एक ही तरह का खाना बनाना झगड़े की वजह बन सकता है।
साथ ही, आज पति-पत्नी दोनों ही कामकाजी हैं। साथ ही, शिफ्ट टाइमिंग भी दोनों की अलग हो सकती है। ऐसे में एक-दूसरे का इंतजार करते रहने की जगह कपल्स अपनी भूख और समय के हिसाब से खाना खाना ज्यादा बेहतर मान रहे हैं। एक कारण ये भी है कि हर किसी की फूड चॉइस अलग होती है।
किसी को बहुत तीखा खाना पसंद होता है, तो किसी को सादा खाना पसंद आता है। कोई वेजिटेरियन खाना पसंद करता है, तो कोई नॉन वेजिटेरियन डाइट लेता है। इंटर स्टेट मैरिज में ये और भी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि कपल्स को अपने खान-पान की आदतों से समझौता किए बिना अपनी पसंद का खाना खा सकते हैं।
रिश्ते पर इसका क्या असर होता है?
अगर इस ट्रेंड को सही तरीके से अपनाया जाए, तो खाने को लेकर होने वाले तनाव को कम कर सकता है। खाने को लेकर होने वाले झगड़ों से बचने का ये हेल्दी तरीका हो सकता है, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि आप साथ में बैठकर खाना ही न खाएं। वीकेंड्स पर आप दोनों साथ में खाना खा सकते हैं, जिसमें दोनों की पसंद शामिल हो। आखिर साथ खाने से प्यार जो बढ़ता है।
