रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बहनें भाइयों के लिए व्रत रखती हैं और राखी बांधने के बाद ही व्रत खोलती हैं। इस दिन तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। जिसमें मीठे व्यंजनों की ज्यादा वैराइटी होती है। बाहर की मिठाईयां खाने में तो बहुत ही स्वादिष्ट होती हैं लेकिन इनमें कई तरह की मिलावट भी देखने को मिलती है। तो क्यों न इस बार भाइयों के लिए घर में ही स्वीट डिशेज बनाई जाएं। जिन्हें सेहत की परवाह किए बगैर आसानी से मनभर कर खा सकें। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ आसान और टेस्टी रेसिपीज़ के बारे में... 
बूंदी पायसम
सामग्री
चार किलो दूध, 250 ग्राम बेसन की मोटी बूंदी, 250 ग्राम शक्कर, चार तेजपत्ता, पांच-छह पिसी छोटी इलायची, दो चम्मच गुलाबजल, थोड़ी सी केसर
विधि
दूध को उबालकर आधा कर लें। इसमें तेजपत्ता डालकर और कुछ देर उबालें। फिर उतार लें।
नीचे उतारकर शक्कर तथा बूंदी डालकर 15 मिनट हल्के हाथ से चलाती रहें। फिर तेजपत्ता निकाल लें।
केसर, गुलाबजल में मिलाकर व इलायची डाल दें। फ्रिज में ठंडा करके खाएं।
पाइनएपल स्वीट
सामग्री
एक बड़ा टिन पाइन, एपल- एक छोटा टिन, चेरी- 250 ग्राम, रबड़ी- दो छोटी चम्मच, पिसी शक्कर, 10-15 बादाम व पिस्ता महीन कटे
विधि
पाइनएपल की स्लाइस निकालकर उन पर मामूली सी शक्कर लगा दें। फिर इन पर रबड़ी फैलाकर चेरी, बादाम व पिस्ता से सजाकर परोसें।

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छेना नारियल लड्डू
सामग्री
एक किलो दूध का छेना, छेने के वजन से चौथाई पिसी शक्कर, चार बड़ी चम्मच पिसी शक्कर अलग से, चौथाई चम्मच पिसी छोटी इलायची, दो चम्मच गुलाबजल, एक चम्मच केसर, एक बड़ा नारियल
विधि
नारियल कस लें। छेने व शक्कर को हथेली से खूब मिला लें। मंदी आंच पर तीन-चार मिनट सेंककर उतार लें।  ठंडा होने पर एक चौथाई चम्मच इलायची व एक चम्मच गुलाबजल मिला दें। सारे छेने को दस हिस्सों में बांटकर गोल कर लें।
कसे हुए नारियल में चार बड़ी चम्मच शक्कर मिलाकर मंदी आंच पर चढ़ाएं और बराबर चलाती रहें।
चार-पांच मिनट सेंककर जब नारियल सूखने में आ जाए तब उतार लें। ठंडा होने पर एक चौथाई चम्मच इलायची डाल दें।
केसर को एक चम्मच गुलाबजल में भिगोकर मसल लें। फिर नारियल में मिला लें। नारियल को दस हिस्सों में बांट लें।
नारियल का एक हिस्सा हथेली पर फैलाकर उसके बीच में एक हिस्सा छेना रख लें। इसे हल्के हाथ से लड्डू की तरह बांध लें।

 

दिल खुसार
सामग्री
250 ग्राम चने की दाल मोटी पिसी, 400 ग्राम खोया, 250 ग्राम शक्कर, एक तिहाई चम्मच केसर या एक चुटकी पीला रंग, दस छोटी इलायची, दो चम्मच गुलाबजल, नौ बड़ी चम्मच घी, एक बड़ी चम्मच दूध
विधि
खोया को मसलकर मोटी चलनी से छानकर रख लें।
बेसन को एक बड़ी चम्मच घी देकर और दो बड़ी चम्मच पानी देकर अच्छी तरह मिलाकर, हल्के हाथ से दबाकर एक घंटे पहले रख दें।
आठ बड़ी चम्मच घी गर्मकर उसमें बेसन डालकर बराबर चलाती रहें और मंदी आंच पर बादामी होने तक सेकें। जब भीनी खुशबू आने लगे तब बेसन उतारकर खोया अच्छी तरह मिला लें। फिर आंच पर चढ़ा दें।
बीच-बीच में उतारकर व अच्छी तरह मिलाकर फिर आंच पर चढ़ाएं ताकि खोया के साथ बेसन अच्छी तरह मिल जाए।
तीन-चार मिनट चलाकर उतार लें। इसे पांच मिनट के लिए ऐसे ही रहने दें। फिर छोटी थाली में फैलाकर ठंडा होने दें।
एक टी-कप पानी आंच पर चढ़ाएं। गर्म होने पर शक्कर डाल दें। उबाल आने पर दूध डालकर धीरे-धीरे चीनी पर आया मैल हटाकर एक तार की चाशनी बना लें।
आंच से उतार कर इसमें केसर या पीले रंग को गुलाबजल में मिलाकर डाल दें। फिर सेंका हुआ बेसन डालें और इलायची छीलकर व पीसकर डाल दें।
अच्छी तरह मिलाकर थाली में फैला दें। जिस थाली में ठंडा करें उसी में फैलाएं या फिर एक अलग थाली में घी लगाकर थोड़ा मोटा फैलाएं।
ठंडा होने पर चौकोर टुकड़े काट लें। अगर चाहें तो सजाने के लिए चांदी का वर्क भी लगा सकती हैं। 

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Posted By: Priyanka Singh