दुनियाभर में 29 अप्रैल का दिन अंतराष्ट्रीय नृत्य दिवस (International Dance Day) के रूप में मनाया जाता है। इसे महान डांसर जीन जार्ज नावेरे के जन्म दिन पर सेलिब्रेट किया है। अगर आपको लगता है डांस महज मनोरंजन का एक साधन है तो बिल्कुल नहीं, मनोरंजन के साथ-साथ डांस अंदर की भावनाएं, गुस्सा यहां तक कि खुशी जाहिर करने का भी एक बेहतरीन माध्यम है। तो आइए जानते हैं डांस को इतने बड़े लेवल पर सेलिब्रेट करने की आखिर कैसे और कब से हुई शुरुआत?

अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस का इतिहास

जैसा कि हमने आपको बताया कि इसी दिन महान नृतक जीन जार्ज नावेरे का जन्मदिन भी होता है तो UNESCO के इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट की अंतरराष्ट्रीय डांस कमेटी ने 29 अप्रैल 1982 को ही यह दिन मनाने को घोषणा की।  जिसके बाद से हर साल इस दिन की धूम दुनियाभार में देखने को मिलती है। नावेरे ने नृत्य पर एक किताब लिखी थी, जिसका नाम 'लेटर्स ऑन द डांस' है। जिसमें नृत्य कला से जुड़ी सभी चीज़ें मौजूद हैं, इसे पढ़कर नृत्य करना और सीखना किसी के लिए भी नामुमकिन नहीं है।

इंटरनेशनल डांस डे 2021 की थीम

इंटरनेशनल डांस डे हर साल एक नए थीम के साथ मनाया जाता है। तो इस बार इसका थीम है 'पर्पज ऑफ डांस' यानी 'डांस का उद्देश्य' है।

अंतराष्ट्रीय नृत्य दिवस का महत्व

डांस एक कला है जिसके माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ बहुत ही कम समय में काफी सारी कैलोरी भी बर्न की जा सकती है। क्लासिक हो या वेस्टर्न, डांस के जरिए अंदर की भावनाएं प्रकट कर सकते हैं। डांस का आपकी उम्र से कोई लेना-देना नहीं होता। डांस के महत्व को आप इस तरह से समझ सकते हैं कि आज दुनियाभर में बेस्ट डांसर को ढूंढने के लिए कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। जुंबा, एरोबिक्स के रूप में डांस एक्सरसाइज़ का भी हिस्सा बन चुका है।

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