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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैसे रखें खुद को पॉजीटिव, सीखें अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से

By Srishti VermaEdited By:
Published: Thu, 05 Jan 2017 04:27 PM (IST)Updated: Fri, 06 Jan 2017 10:48 AM (IST)

पॉजीटीव रहने के गुर दीपीका पादुकोण से सीखें। कैसे हर एक सिचुएशन में वे खुद को सकारात्मक रखते हुए आगे बढ़ती हैं ये उनसे सीखा जा सकता है।

कैसे रखें खुद को पॉजीटिव, सीखें अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से
कैसे रखें खुद को पॉजीटिव, सीखें अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से

कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और काम के प्रति प्रतिबद्धता ये सारे कारक सफलता के लिए बहुत मायने रखते हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा जो जरुरी होता है वो है खुद में विश्वास। और यही सारे गुण अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को सबसे अलग बनाती है। उन्हीं खूबियों की वजह से आज वो बॉलीवुड में शीर्ष अभिनेत्रियों की सूची में आती हैं। वे एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिनमें आत्मविश्वास कूट-कूट कर भरा हुआ है। वे हमेशा पॉजीटिव सोच के साथ चलती हैं। पिछले साल फिल्मफेयर अवॉर्ड में दीपिका ने जब अपने पिता की लिखी हुई चिट्ठी पढ़ी जिसमें उनके पापा ने कहा था कि खुद पर विश्वास रखो यही तुम्हें सफलता की सीढ़ीयों तक लेकर जाएगा। इसेस ये साफ पता चलता है कि उनमें ये एनर्जी उनके पिता प्रकाश पादुकोण से मिलती है। दीपिका की जर्नी देखी जाए तो ये इतनी आसान नहीं है जितना आज उन्हें शिखर पर देखकर लगता है। वे काफी परेशानियों से जूझती हुई आगे बढ़ीं कई बार असफलता का स्वाद चखना पड़ा, साथ ही कई बार वे अवसाद की शिकार भी हुईं। लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और उनसे लड़ती हुआ आज अपने मुकाम को हासिल किया। उन्होंने न अपनी करियर में सफलता हासिल की बल्कि साथ ही साथ अपनी काया में भी बदलाव लाकर सभी को चकित कर दिया। आज भारत ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वे देश का नाम रोशन करने जा रही हैं।

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क्या आप जानते हैं आखिर क्या है उनके पॉजीटिव रहने का राज
- दीपिका अपने पिता की ही तरह एक बैडमिंटन प्लेयर रह चुकी हैं। उन्होंने जो भी किया सबमें अपनी छाप छोड़ी है जो उनके पीछे की मेहनत को दर्शाता है। करियर के शुरुआत में उन्हें सफलता नहीं मिली, उन्हें काफी उतार चढ़ाव देखने को मिले। उन्होंने अपनी पहचान बनाने के लिए कन्नड़ की फिल्मों में भी काम किया। लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। उनका दृढ़ निश्यच और उनकी आत्मविश्वास असीमित थाजो उन्हें आगे लेकर आया।
- उन्होंने असफलता से कभी हारना नहीं सीखा वे पीछे हटने की बजाय उनसे कुछ सबक लेना सही समझा।
उनका लगातार पॉजीटिव एटीट्युड ही उन्हें आगे लेकर आया जिसके कारण करियर में आज वे सफलता के मुकाम पर हैं।
- 2014 में उन्हें हीरो ऑफ द इयर अवॉर्ड दिया गया जो पाने वाली वो पहली अभिनेत्री बनी। लेकिन इसी समय कुछ कारणों से वो अवसाद से ग्रसित भी हुई।
लेकिन बावजूद इसके उन्होंने फिर से अपनी उर्जा इकट्ठी करके नए लगन से नए जूनून और साहस के साथ फिर से उठ खड़ी हुई और सभी बाधाओं को दरकिनार कर बिना पीछे मुड़े सफलता के रास्ते पर निकल पड़ी। खुद पर विश्वास ही रखना ही इसके पीछे की बड़ी वजह थी।
- उन्होंने असफलता को अंत की तरह नहीं लिया बल्कि उसे सफलता के रास्ते की तरफ बढ़ने वाले कदम की तरह इस्तेमाल किया। प्रकाश पादुकोण के अनुसार वे शुरु से ही डाउन टू अर्थ रही हैं। उन्होंने सफलता को कभी भी सिर चढ़ कर नही बोलने दिया। वे कहते है कि आज भी घर पर गेस्ट आने पर वो जमीन पर सो जाती हैं।
- मनी और ग्लैमर आ जाने पर भी वे अपने करीबियों के साथ बेहद शालीनता के साथ पेश आती हैं। फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं होने के बावजूद उन्होंने फिल्मी दुनिया में जो झंडे गाड़े हैं वो तारीफे काबिल है।
- दीपिका से ये सीखा जा सकता है कि किस तरह जब असफलता हाथ लगती है तो उसे हंस कर स्वीकार करना चाहिए न कि उसके लिए दूसरों को ब्लेम करना चाहिए। हमारे पास जो है हमें उसके लिए खुश होना चाहिए। अपने आप में पॉजीटिविटी लाना बहुत ही महत्वपूर्ण है, अपने परिवार की इज्जत करना बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि करियर के अंत में जो आपके साथ रह जाती है वो सिर्फ फैमिली होती है। लेकिन खुद में आत्मविश्वास भी आपको इन सबमें सपोर्ट करता है।
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