अनजाने में हम कई बार से काम कर जाते हैं, जिसके बारे में बाद में पता चलता है कि हमने किसी कानून की उल्लंघन कर दिया है। दरअसल, हमारे बीच ऐसे कई कानून हैं जिनकी हमें जानकारी ही नहीं। कई कानून तो ऐसे हैं, जिनके अस्तित्व पर ही सवाल है और यह कानून चौंकाते भी हैं। जैसे हम कई बार हवाई चप्पल पहनकर ही बाइक से बाहर निकल लेते हैं लेकिन ये भी कानून के दायरे में आता है और हवाई चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर आप पर जुर्माना लग सकता है। आज हम संविधान दिवस पर आपको ऐसे ही कुछ कानूनों के बारे में बता रहे हैं जो शायद सुनने में आपको अजीब लगें, लेकिन इनका उल्लंघन आपको मुश्किल में डाल सकता है।

संविधान दिवस के बारे में कुछ खास जानकारी

केंद्र सरकार ने साल 2015 में 19 नवंबर को गजट नोटिफिकेशन द्वारा 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा साल 1979 में एक प्रस्ताव के बाद से इस दिन को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में जाना जाने लगा था।

यह दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। भारत के मूल संविधान को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने शांतिनिकेतन के कलाकारों द्वारा प्रत्येक पृष्ठ को खूबसूरती से सजाया था।

पतंग उड़ाने पर हो सकती है जेल

हम बेरोकटोक पतंग उड़ाने हैं, लेकिन भारत में इंडियन एयरक्राफ्ट कानून के अनुसार, पतंग उड़ाना गैर-कानूनी माना गया है। अगर आप पतंग उड़ाना भी चाहते हं तो आपको पतंग उड़ाने से पहले इसकी परमिशन लेनी होगी। एक्ट के अनुसार, कोई भी एयरक्रॉफ्ट या मशीन, जिसे हवा में उड़ाया जाता है, उसके लिए परमिशन लेने की आवश्यकता है। इस कानून में एयर शिप, पतंग, ग्लाइडर्स, बैलून और फ्लाइंग मशीन को एयरक्राफ्च की श्रेणी में रखा गया है। अगर कोई इस कानून का उल्लंघन करता है तो उन्हें 2 साल की जेल व 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

टिड्डी भगाने के लिए रहो तैयार

ईस्ट पंजाब एग्रीकल्चर पेस्ट्स, डिजीज एंड नोक्सोसियस वीड्स एक्ट, 1949 के तहत दिल्ली के लोगों को टिड्डी भगाने के लिए तैयार रहना होता है। इसके मुताबिक, अगर शहर में टिड्डी दल का हमला हो गया तो आपको सड़कों पर ड्रम बजाने के लिए किसी भी वक्त बुलाया जा सकता है। नहीं आए तो 50 रुपए का जुर्माना या 10 दिन की जेल हो सकती है।

नौकरी पाने के लिए दांतों में रखो चमक

इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट, 1914 के तहत आंध्र प्रदेश में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर बनना चाहते हैं तो दांतों को खूब मांजिए, वरना अयोग्य ठहरा दिए जाएंगे।

सुराही में रखो पानी

फैक्टरीज एक्ट, 1948 के तहत फैक्ट्री जाओ तो थूकने के पात्र में ही थूको (वरना 5 रुपए जुर्माना भरो)। मालिक दीवार पर चूना लगाएगा (रंग नहीं), मिट्टी की सुराही में ही पानी रखो, आग बुझाने के लिए लाल बाल्टी में बालू रखो।

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Edited By: Priyanka Singh