यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जब पद्म विभूषण Ratan Tata ने ठुकरा दिया था प्रिंस चार्ल्स का निमंत्रण, दिल छू लेगी इसकी वजह
पूरा देश पद्म विभूषण रतन टाटा के देहांत से दुखी है। बुधवार रात उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में ...और पढ़ें

HighLights
- बुधवार रात पद्म विभूषण रतन टाटा का देहांत हो गया।
- उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस लीं।
- रतन टाटा ने 86 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देश के जाने-माने बिजनेस टाइकून पद्म विभूषण रतन टाटा (Padma Vibhushan Ratan Tata) का बुधवार रात देहांत हो गया। उन्होंने 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस लीं। उनके स्वर्गवास की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका जीवन सभी के लिए एक प्रेरणा है। वह अपने अपने परोपकारी कार्यों, खासकर बेजुबानों की मदद के लिए जान जाते थे। जानवरों के लिए उनका प्यार इतना ज्यादा था कि अपने इस प्यार की वजह से एक बार उन्होंने किंग चार्ल्स ( Ratan Tata Prince Charles Invitation) के साथ अपनी एक जरूरी मीटिंग तक कैंसिल कर दी थी।
पद्म विभूषण रतन टाटा के जीवन से जुड़े इस किस्से के बारे में बेहद कम लोग ही जानते हैं। आइए जानते हैं उस एक वजह के बारे में, जिसकी वजह से उन्होंने यूके के शाही परिवार के साथ होने वाली अपनी बैठक को रद्द कर दिया।
यह भी पढ़ें- सादगी और सरलता से भरा था पद्मविभूषण Ratan Tata का जीवन, पढ़ें उनके 10 Motivational Quotes
रद्द की प्रिंस चार्ल्स के साथ मीटिंग
बात साल 2018 की है, जब यूके के राजा चार्ल्स III, जिन्हें प्रिंस चार्ल्स (UK Prince Charles) के नाम से जाना जाता था, ने मशहूर उद्योगपति रतन टाटा को उनके परोपकारी कामों के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था। यह अवॉर्ड फंक्शन 6 फरवरी, 2018 को बकिंघम पैलेस में होने वाला था। पद्म विभूषण रतन टाटा ने पहले तो इस समारोह में शामिल होने पर सहमति दी थी, लेकिन जिस दिन उन्हें फंक्शन में शिरकत करनी थी, वह उस दिन समारोह में शामिल नहीं हुए। इसकी वजह थी उनके पेट डॉग, जो उस समय काफी बीमार था।

इस वजह से कैंसिल किया खुद का अवॉर्ड फंक्शन
इस बारे में सुहेल सेठ बताते हैं कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह 2 या 3 फरवरी, 2018 को लंदन पहुंचे थे और जैसे ही उनके उन्होंने लैंड किया, खुद रतन टाटा के 11 मिस्ड कॉल देखकर वह हैरान रह गए। जब उन्होंने रतन टाटा को कॉल बैक किया, तो उन्होंने कहा कि उनके पेट डॉग्स टैंगो और टीटो में से एक बहुत बीमार है और वह उसे छोड़कर नहीं आ सकते। सुहेल सेठ ने बताया कि रतन जी को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मनाने की लाख कोशिश की, लेकिन बावजूद इसके कि यह फंक्शन यूके रॉयल-प्रिंस चार्ल्स के साथ था पद्म विभूषण रतन टाटा अपना मन नहीं बदला।

हमेशा से ही जानवरों के मसीहा रहे रतन टाटा
उनके इस फैसले के चलते अवॉर्ड फंक्शन को रद्द करना पड़ा और बाद में जब प्रिंस चार्ल्स को इस बारे में पता चला तो उन्होंने रतन टाटा के इस फैसले और उनकी प्राइयोरिटी की काफी सराहना की। यह पहली बार नहीं था, वह जानवरों के प्रति अपने प्यार को जताते नजर आए थे। बचपन से ही रतन टाटा का कुत्तों के प्रति लगाव रहा है, जो उनकी तस्वीरों में देखने को मिलता है। इतना ही नहीं वह अक्सर सोशल मीडिया के जरिए रेस्यू किए गए डॉग्स की जानकारी दिया करते थे। साथ ही उन्होंने अपने आखिरी प्रोजेक्ट के तौर पर मुंबई में आवारा जानवरों के लिए एक अस्पताल बनवाया था।
