राजस्थान के इस लोकगीत में बन्ना से अब iPhone मांग रही है बन्नी, पारंपरिक गीत को मिला हिप-हॉप का मॉडर्न अंदाज
राजस्थानी लोकगीत 'कांच केरी चिमनी' को हाल ही में आधुनिक हिप-हॉप अंदाज में पेश किया गया है।

राजस्थान के पुराने लोकगीत ‘कांच केरी चिमनी’ का नया वर्जन (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। लोकगीतों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इनमें हमें केवल मिलने-बिछड़ने की कहानियां नहीं सुनाई देतीं, इसके साथ में प्रेमिका की शिकायतें, उसकी डिमांड और प्रेमी के नखरे भी सुनने को मिलते हैं। पर अब नायिका इन लोकगीतों में अपने प्रेमी से केवल बिछिया, पायल या हार नहीं मांग रही है, उसकी डिमांड अब आईफोन तक बढ़ गई।
जी हां, हाल ही में एक राजस्थानी लोकगीत को नए अंदाज में पेश करके इसे मॉडर्न रूप दिया गया है।
राजस्थान के पुराने लोकगीत का नया वर्जन
इन दिनों सोशल मीडिया पर राजस्थान का एक पुराना लोकगीत ‘कांच केरी चिमनी’ फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है। वैसे तो इस बन्ना-बन्नी गीत की जड़ें राजस्थान में मारवाड़ी संस्कृति से जुड़ी हुई हैं, पर अब इसका नया वर्जन लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
इस गीत की शुरुआत पुराने बोल से ही हुई है। इसमें नायिका कहती है कि ‘बन्ना ओ काच केरी चिमनी, अंतरियों लाइजो तेल बन्ना ओ साँझ पड़े सुलगावा, खेलाला सारी रात...’ यानी वह अपने पति से अंधेरे में जलाने के लिए कांच की लालटेन और तेल लाने को कह रही है।
साजन से फरमाइश मेहंदी-पायल से iPhone तक पहुंची
इस गीत की पुरानी लाइनों में बन्नी अपने बन्ना से लाल-लाल मेहंदी, पायल, अंगूठी, रजवाड़ी पोशाक लाने को कहती है, तो वहीं नए गीत में वो इन सबसे पहले iphone मांगती है। इसके बोल कुछ इस तरह हैं: ‘बन्ना ओ जोधाने थे जाइजो और iphone लाईजो आप बन्ना सांझ पड़े खिचाला फ़ोटुडा आपा साथ’ यानी जब आप जोधपुर जाना तो आईफोन लेकर आना। शाम ढलने पर साथ में उससे तस्वीरें लेंगे।
राजस्थान के फेमस रैपर का फोक हिप हॉप फ्यूजन
यह नया गीत राजस्थान के फेमस रैपर रैपरिया बालम उर्फ अशोक बिश्नोई और उभरते हुए पंजाबी-राजस्थानी गायक मंदीप रमाना ने मिलकर गाया है। इसमें जहां एक तरफ हिप हॉप और रैप का मेल देखने को मिलता है, तो वहीं दूसरी तरफ जागीरदार आरवी और इस्माइल गंगा ग्रुप की पारंपरिक लोकगायकी की भी खूबसूरत झलक दिखाई देती है।
शादी की रस्मों से जुड़े हैं बन्ना-बन्नी गीत
राजस्थान में दूल्हे को बन्ना और दुल्हन को बन्नी कहा जाता है। इन्हीं के नाम पर विवाह गीतों को बन्ना-बन्नी गीत नाम दिया गया। राज्य में ये गीत महिलाएं हल्दी, मेहंदी, भात, फेरे और बारात स्वागत के समय गाती हैं। इसमें ‘कांच केरी चिमनी’ के अलावा 'ओ बन्ना म्हारो केसरियो', 'बन्ना थारो बंगलो' और 'गेरो फूल गुलाब रो' जैसे कई लोकगीत शामिल हैं।
