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टीवी का 'यंग शेल्डन' नहीं, यह है असली जीनियस! 13 साल के इस बच्चे का IQ लेवल जान आप भी रह जाएंगे दंग

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:01 AM (IST)

13 साल के जो पेट्रारो-हिप्पोलाइट अगले साल न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में मास्टर्स की पढ़ाई शुरू करेंगे। 168 आईक्यू वाले जो ने ...और पढ़ें

इस बच्चे की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान (Picture Courtesy: Instagram/X)

इस बच्चे की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान (Picture Courtesy: Instagram/X)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर 13 साल के बच्चे स्कूल की पढ़ाई करते हैं और खेलकूद में उलझे रहते हैं, लेकिन लॉन्ग आइलैंड पर पहने वाले जो पेट्रारो-हिप्पोलाइट (Joe Petraro-Hyppolite) अलगे साल न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी में मास्टर्स डिग्री की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। जी हां, इस हिसाब से वो 16 साल की उम्र तक मास्टर्स की डिग्री हासिल कर लेंगे और वो भी न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी से। 

11 साल की उम्र में हाई स्कूल डिप्लोमा

जो का एकेडेमिक सफर काफी हैरान करने वाला रहा है। उन्होंने सिर्फ 10 साल की उम्र में SAT परीक्षा दी और 1600 में से 1590 अंक हासिल किए। इसके बाद 11 साल की उम्र में उन्होंने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करके डिप्लोमा हासिल कर लिया। अब जब वो 13 साल के हैं, तो वो लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरी करने वाले हैं और न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी के मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश पा चुके हैं। 

आपको बता दें कि अमेरिका में मास्टर प्रोग्राम शुरू करने वाले व्यक्ति की औसत उम्र 33 साल होती है, लेकिन इससे आधी से भी कम उम्र में जो ये उपलब्धि हासिल करने जा रहे हैं। अगले साल मई में वो अपनी बैचलर डिग्री पूरी करेंगे और फिर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, किनेसियोलॉजी और बायोलॉजिकल स्टडीज में अपनी मास्टर डिग्री शुरू करेंगे। 

टीवी के किरदारों से होती है तुलना

जो का आईक्यू 168 है। हालांकि, पेट्रोरो का सफर सुनकर सभी को यंग शेल्डन और डूगी हॉउसर की याद आती है। इसलिए लोग अक्सर जो की तुलना शेल्डन जैसे किरदारों से करते रहते हैं। इतना ही नहीं, यूनिवर्सिटी में जब बड़े छात्र उन्हें कैंपस में देखते हैं, तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं होता। 

टॉरेट सिंड्रोम से मास्टर डिग्री तक का सफर

हालांकि, जो का ये सफर आसान नहीं रहा है। उन्हें 'टॉरेट सिंड्रोम' से जूझना पड़ा था। एक समय उन्हें स्पेशल एजुकेशन क्लास में भी रखा गया था। उनकी मां ऐन हिप्पोलाइट कहती हैं कि आज जो की हर उपलब्धि उन्हें किसी सपने जैसी लगती है। जो ज्ञान को स्पंज की तरह सोख लेते हैं और उन्हें नई चीजें सीखने का भी शौक है।

यूनिवर्सिटी जाने को लेकर घबराहट

जो बताते हैं कि इतनी कम उम्र में यूनिवर्सिटी जाने पर उन्हें घबराहट भी महसूस होती है, लेकिन वो नए अवसरों को लेकर काफी उत्साहित हैं। स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और बायो-साइंस के बाद, वो लक्ष्य पेलियोन्टोलॉजी में आगे बढ़ना चाहते हैं।