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सज-धजकर निकलते हैं पुरुष, फिर मौका मिलते ही चुरा ले जाते हैं दूसरे की बीवी! बड़ा ही अनोखा है ये फेस्टिवल

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:07 PM (IST)

इस अनोखी परंपरा में महिलाएं अपना जीवनसाथी चुनती हैं और दूसरी शादी के लिए दूसरों की पत्नियों को 'चुराने' का रिवाज भी है।

गेरेवोल फेस्टिवल: एक अनूठी परंपरा (Image Source: AI Generated)

गेरेवोल फेस्टिवल: एक अनूठी परंपरा (Image Source: AI Generated)

HighLights

  1. वोडाबे जनजाति पश्चिमी अफ्रीका में गेरेवोल फेस्टिवल मनाती है।

  2. पुरुष सज-धजकर महिलाओं को आकर्षित करते हैं, महिलाएं चुनती हैं जीवनसाथी।

  3. दूसरी शादी के लिए दूसरों की पत्नियों को 'चुराने' की अनोखी परंपरा।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देश-दुनिया के त्योहारों की सूची देखने बैठें तो हर दिन कोई न कोई रिवाज और जश्न मनाया जा रहा है। इनमें भी शादी के बंधन में बंधना वो परंपरा है, जो लगभग हर संस्कृति में देखने को मिलती है। पर आज हम शादी की एक ऐसी अनूठी परंपरा की बात करेंगे, जिसमें लड़कियां अपना जीवनसाथी चुनती हैं और लड़कें सज-धजकर आते हैं। 

गेरेवोल फेस्टिवल: एक अनूठी परंपरा 

पश्चिमी अफ्रीका के साहेल क्षेत्र यानी नाइजर और चाड में खानाबदोश वोडाबे जनजाति रहती है, जो हर साल सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में गेरेवोल फेस्टिवल मनाती है। दरअसल, इस त्योहार को मनाए जाने के पीछे उनकी अनूठी परंपरा है। जहां दुनियाभर में औरतों के ब्यूटी कॉन्टेस्ट आयोजित होते हैं, वहां यह फेस्टिवल बेहद अनोखा है। 

ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें महिलाएं नहीं, पुरुष सज-धजकर प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। सिर्फ भाग ही नहीं लेते हैं, उनका मकसद औरतों को अपनी तरफ आकर्षित करना भी होता है। 

पुरुष प्रधान जनजाति में ताकत औरतों के हवाले 

हम पुरुष प्रधान समाज की बात करें तो उससे समझ में आता है कि यहां पुरुषों का दबदबा होगा, लेकिन वोडाबे में इसके बिल्कुल उल्टा है। कहने को तो यह समाज पुरुष प्रधान है, पर प्रेम और यौन स्वतंत्रता के मामले में औरतों के पास ज्यादा शक्ति है। 

अपना जीवनसाथी चुनने को लेकर सारा कंट्रोल उन्हीं के हाथों में होता है। इतना ही नहीं, इस जनजाति में एक से ज्यादा शादी करना और महिलाओं का एक से ज्यादा पुरुषों के साथ संबंध बनाना भी मान्य है। इसे सामाजिक कलंक की नजर से नहीं देखा जाता है। 

चुराई जाती हैं दूसरों की पत्नियां 

इस त्योहार का नाम गेरेवोल है लेकिन इसे पत्नियां चुराने वाले त्योहार के नाम से भी जाना जाता है। बस नियम कुछ ऐसा है कि पहली शादी परिवार की मर्जी से पूरे रीति-रिवाज से होती है और दूसरी शादी में दूसरे की बीवी को चुराना होता है। अगर इस नियम को फॉलो न किया जाए तो दूसरी शादी की अनुमति ही नहीं है। 

सज-संवरकर चाल चलते हैं पुरुष 

हैरान करने वाली बात है कि इस त्योहार में पुरुष चेहरे को रंगकर, अपनी पारंपरिक वेशभूषा में खूबसूरत बनकर आते हैं। फिर अपने लुक्स, चाल और डांस से महिलाओं को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश करते हैं। जैसे ही कोई महिला किसी पुरुष पर आकर्षित हो जाती है तो पुरुष उसे वहां से चुराकर ले जाता है।