विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक्स से मिलने के लिए लगता है ये अनोखा बाजार, पति-पत्नी साथ में आते हैं अपने-अपने पुराने प्यार से मिलने

Published: Sun, 13 Sep 2026 02:16 PM (IST)

इस दुनिया में एक ऐसा बाजार भी है, जहां अधूरे प्यार से मिलने जा सकते हैं।

वियतनाम की लव मार्केट (Image Source: AI Generated)

वियतनाम की लव मार्केट (Image Source: AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमने कपड़े, गहने, डेकोर, राशन और गाड़ियों के भतेरे बाजार देखे होंगे, पर क्या ऐसा बाजार देखा है जहां पुराने प्रेमी मिलने आते हैं? जी हां, हम एक्स प्रेमियों को मिलाने वाले ऐसे ही बाजार की बात कर रहे हैं, जो अधूरे प्यार को मिलाने के लिए दुनियाभर में मशहूर है। 

वियतनाम की लव मार्केट 

वियतनाम की उत्तरी पहाड़ियों के बीच हा जियांग प्रांत में ‘खाऊ वाई’ नामक एक गांव है, जो हर साल अनोखी लव मार्केट की मेजबानी करता है। इस मार्केट में कपड़े-लत्ते या घर का सामान नहीं, पुराने प्रेमी एक दूसरे से मिलने आते हैं। दुनियाभर में यह जगह खाऊ वाई लव मार्केट के नाम से मशहूर है। 

इसी को देखते हुए साल 2021 में वियतनाम के संस्कृति मंत्रालय ने खाऊ वाई को ऑफिशियल तौर पर एक सांस्कृतिक विरासत के रूप में दर्जा दिया था। 

एक्स से मिलना नहीं माना जाता एक धोखा 

इस बाजार में पति-पत्नी एक साथ पहुंचते हैं और फिर अपने-अपने पुराने प्रेमियों से मुलाकात करने जाते हैं। इसमें भी सबसे दिलचस्प बात यह कि अपने एक्स से इस तरह मिलना लोगों के मन में धोखे जैसी भावना को जन्म नहीं देता। जबकि यही भावना आज बहुत से रिश्तों को तोड़ रही है। इसे एक अलग नजरिए देखा जाता है और माना जाता है कि जिंदगी में कुछ कनेक्शन ऐसे होते हैं, जिसे सम्मान दिए जाने की जरूरत है।

कब आयोजित होती यह लव मार्केट? 

खाऊ वाई लव मार्केट का आयोजन हर साल अप्रैल और मई महीने में किया जाता है। वहीं, वियतनामी कैलेंडर के हिसाब से तीसरे महीने के 27वें दिन यह बाजार लगता है। यह मौसम वहां के पहाड़ी इलाकों में वसंत के अंत और गर्मियों की शुरुआत का होता है। जब लोग अपने खेती के पारंपरिक कामों से थोड़ा मुक्त होकर अपने बारे में सोचते हैं। 

क्या है इसके पीछे की मान्यता? 

लव मार्केट का आयोजन आज का नहीं, 100 साल पुराना है क्योंकि साल 1919 से इसे आयोजित किया जाता रहा है। लोककथाओं की माने तो इसकी कहानी नुंग समुदाय के युवक ‘बा’ और गियाई समुदाय की युवती ‘उत’ से जुड़ी हुई है। 

अब क्योंकि  ‘बा’ बांसुरी बजाने वाला एक साधारण सा लड़का था और ‘उत’ इस कबीले के सरदार की बेटी तो उनका मिलन न हो पाया। ऐसे में दोनों ने तय किया कि हर साल चंद्र कैलेंडर के तीसरे महीने के 27वें दिन वो खाऊ वाई घाटी में मिलने आया करेंगे।