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डॉक्टर सफेद और वकील काला कोट ही क्यों पहनते हैं? पढ़ें लिबास बदलने की यह अनोखी कहानी

Published: Thu, 30 Jul 2026 05:00 PM (IST)

हमने हमेशा ही डॉक्टर को सफेद और वकील को काले लिबास में देखा है, पर इसके पीछे का इतिहास मुश्किल ही कोई जानता है।

वकील के काले कोट और डॉक्टर के सफेद कोट का कारण (Image Source: AI Generated)

वकील के काले कोट और डॉक्टर के सफेद कोट का कारण (Image Source: AI Generated)

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब भी किसी को सफेद कोट पहनया देखते हैं तो उसके डॉक्टर होने का अंदाजा लगाते हैं और अगर किसी ने काला कोट पहना हो तो हम समझते हैं कि वह वकील है। हम समझ तो सही रहे हैं पर इसपर सवाल नहीं उठा रहे कि आखिर क्यों डॉक्टर हमेशा सफेद और वकील हमेशा काला कोट पहनते हैं? चलिए इसके बारे में जानते हैं। 

वकील क्यों पहनते हैं काला कोट? 

ऐसा करने के पीछे सीधा कनेक्शन रंग से है। काला रंग अंधेरे का प्रतीक नहीं होता, बल्कि यह न्याय, शक्ति और अनुशासन का भी प्रतीक माना जाता है। यह वकालत के प्रोफेशन की गंभीरता को दिखाने के साथ ही सम्मान और अधिकार के बारे में भी बात करता है। 

ऐतिहासिक किस्सा 

इससे जुड़ा इतिहास कुछ ऐसा है कि जब 17 वीं शताब्दी में ब्रिटेन में किंग की मृत्यु के बाद किसी दूसरे को उस पद पर बिठाया जाता था तो उस समय शोक जताने के लिए वकील और जज काले कपड़े पहनते थे। धीरे-धीरे जैसे समय बीतता गया, शोक जताने वाला यह तरीका वकील के प्रोफेशन से ही जोड़ दिया गया। 

डॉक्टर क्यों पहनते हैं सफेद कोट? 

सफेद रंग शांति का प्रतीक तो माना जाता ही जाता है, इसके साथ ही यह स्वच्छता और भरोसे का भी प्रतीक होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो सफेद रंग आशा की किरण जगाता है जो डॉक्टर के पेशे से पूरी तरह से मेल खाता है। इसी वजह से मेडिकल साइंस जब तरक्की करने लगी और साफ-सफाई पर जोर दिया जाने लगा तो डॉक्टरों ने सफेद कोट को अपने प्रोफेशन का हिस्सा बना लिया। इस रंग पर दाग या गंदगी साफ तौर पर दिखती है, जिससे इस पेशे में लगे लोग साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहते हैं। 

ऐतिहासिक किस्सा 

शायद यह बहुत कम लोग जानते हैं कि 19 वीं सदी से पहले डॉक्टर सफेद नहीं बल्कि काला कोट पहना करते थे। यह भी बताते चलें कि एक समय में 19वीं शताब्दी में वैज्ञानिकों के गुलाबी या पीले रंग के लैब कोट पहनने का चलन भी था। बाद में, मेडिकल के प्रति लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए सफेद कोट को पहने जाने का चलन शुरू हुआ, जो अब तक जारी है। इसकी शुरुआत करने का श्रेय कनाडा में मॉन्ट्रियल जनरल अस्पताल में सर्जन और मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जॉर्ज आर्मस्ट्रांग को जाता है।