किराए का घर लेने जा रहे हैं? रेंट एग्रीमेंट में ये 5 बातें नहीं देखीं, तो मकान मालिक से आए दिन होगी चिक-चिक
कई बार हम जल्दबाजी में रेंट एग्रीमेंट के पन्नों को बिना पढ़े ही साइन कर देते हैं, लेकिन यह छोटी ...और पढ़ें

रेंट एग्रीमेंट बनवाने जा रहे हैं? इन 5 बातों पर जरूर दें ध्यान (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किराए का मकान लेने से पहले रेंट एग्रीमेंट बनवाना सबसे अहम कदम होता है। कई बार हम जल्दबाजी में बिना पढ़े कागजातों पर साइन कर देते हैं, जिससे बाद में मकान मालिक और किराएदार के बीच चिक-चिक और विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है।
अगर आप भी रेंट एग्रीमेंट साइन करने जा रहे हैं, तो भविष्य की किसी भी परेशानी से बचने के लिए इन जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
रेंट एग्रीमेंट पढ़ें बिना न करें कोई डील
दस्तावेज में सबसे पहले यह चेक करें कि आपके और मकान मालिक के बीच किराए की कितनी रकम तय हुई है। यह भी देखें कि आप किराया किस तरीके से देंगे। सबसे जरूरी बात, एग्रीमेंट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि हर साल किराए में कितने प्रतिशत की वृद्धि होगी। अगर यह हिस्सा खाली है, तो आप किराए को लेकर मोल-भाव कर सकते हैं। साथ ही, याद रखें कि 11 महीने से ऊपर के एग्रीमेंट का कानूनी रूप से रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है।
किराया देने में हुई देरी तो क्या देनी होगी पेनल्टी?
जिंदगी में कई बार खर्चे अचानक बढ़ जाते हैं और किराया देने में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। ऐसे में क्या मकान मालिक आप पर कोई लेट फीस या पेनल्टी लगाएगा? यह बात एग्रीमेंट में साफ तौर पर लिखी होनी चाहिए। इसके अलावा, घर खाली करते वक्त आपका सिक्योरिटी डिपॉजिट किन शर्तों पर और कितने दिनों में वापस मिलेगा, यह भी लिखित में होना चाहिए ताकि बाद में आपके पैसे न अटकें।
पुराने बिलों की क्लियरेंस और सुविधाओं का खर्च
नए घर की चाबी लेने से पहले यह पक्का कर लें कि पुराने किरायेदार के बिजली, पानी, हाउस टैक्स और सोसाइटी मेंटेनेंस के सभी बिल चुकाए जा चुके हैं या नहीं। वरना पुराना बकाया आपके सिर आ सकता है। साथ ही, अगर आप सोसाइटी के जिम, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल या पार्किंग का इस्तेमाल करने वाले हैं, तो उनके चार्जेस क्या होंगे? ये सारी बातें एग्रीमेंट का हिस्सा होनी चाहिए।
जरूर चेक करें घर का कोना-कोना
रेंट एग्रीमेंट फाइनल करने से पहले घर का कोना-कोना अच्छी तरह से चेक करें। दीवारों का पेंट, फर्श की हालत, बिजली के बोर्ड, और किचन-बाथरूम के नल-पाइप आदि की जांच कर लें। अगर कोई चीज टूटी हुई या खराब है, तो मकान मालिक को बताएं और उसे शिफ्ट होने से पहले ही ठीक करवाएं। अगर आप बिना देखे शिफ्ट हो गए, तो घर खाली करते समय उस टूट-फूट का पूरा बिल आपको ही भरना पड़ सकता है।
जरूर जान लें सोसाइटी के नियम
घर में समय-समय पर होने वाले रिपेयरिंग के काम, जैसे- रंग-रोगन, पुरानी तारों की मरम्मत या प्लंबिंग का खर्च कौन उठाएगा? अगर आप पैसे खर्च करते हैं, तो क्या मकान मालिक उसे अगले महीने के किराये में से काट लेगा? इसे पहले ही तय कर लें। इसके अलावा, कई हाउसिंग सोसाइटी और मकान मालिकों के अपने कुछ खास नियम होते हैं, जैसे- घर में पालतू जानवर न रखना, नॉन-वेज न पकाना या देर रात घर आने पर पाबंदी। इन नियमों को एग्रीमेंट में जरूर पढ़ें।
सबसे जरूरी बात कि एग्रीमेंट करने से पहले कागजात देखकर यह जरूर कन्फर्म कर लें कि आप जिससे डील कर रहे हैं, वही घर का असली मालिक है और सोसाइटी से रहने का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी ले लें।
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