कभी सोचा है नाभि में कैसे बन जाता है रुई का गोला? समझ लीजिए शरीर की इस जादूगरी का मजेदार साइंस
हम अक्सर नाभि में बनने वाली रुई को चुटकी से निकालते हैं और फेंक देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ...और पढ़ें

नाभि में रोज कहां से आ जाती है रुई? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिनभर की भागदौड़ के बाद जब हम कपड़े बदलते हैं, तो अक्सर हमारी नाभि में रुई का एक छोटा-सा गोला नजर आता है। लोग इसे हटाकर भूल जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह रुई वहां आती कहां से है? आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि आखिर नाभि में यह Navel Lint क्यों बनता है और इससे बचने के क्या तरीके हैं।
बालों और कपड़ों की रगड़ का नतीजा
वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारी नाभि में रुई जमा होने के पीछे हमारे पेट के बाल सबसे बड़े जिम्मेदार हैं। जब हम कपड़े पहनकर चलते-फिरते या काम करते हैं, तो पेट के बाल छोटे-छोटे 'हुक' की तरह बर्ताव करते हैं। शरीर की गति के कारण ये बाल कपड़ों से रगड़ खाते हैं और शर्ट के बारीक रेशों को अपनी तरफ खींच लेते हैं। इसके बाद ये बाल उन रेशों को सीधा नाभि के अंदर धकेल देते हैं।
यही कारण है कि जिन पुरुषों के पेट पर बाल ज्यादा होते हैं, उनकी नाभि में रुई भी ज्यादा पाई जाती है। मजे की बात यह है कि इस रुई का रंग बिल्कुल वैसा ही होता है, जिस रंग के कपड़े आपने उस वक्त पहने होते हैं।
क्या इस रुई में सिर्फ कपड़े के रेशे होते हैं?
साल 2002 में 'कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह रुई सिर्फ कपड़ों से नहीं बनती। असल में यह हमारे कपड़ों के रेशों, शरीर के झड़े हुए बालों और डेड स्किन का एक कॉकटेल होती है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि नाभि में रुई इकट्ठा होना हमारे शरीर का खुद को साफ करने का एक प्राकृतिक तरीका हो सकता है।
एक वैज्ञानिक का अनोखा प्रयोग
इस विषय को गहराई से समझने के लिए एक वैज्ञानिक ने अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने मार्च 2005 से लगातार कई सालों तक अपनी ही नाभि से निकलने वाली रुई को जमा किया। उन्होंने रुई के 503 छोटे-छोटे टुकड़े इकट्ठा किए, जिनका कुल वजन करीब 1 ग्राम था। उन्होंने पाया कि ज्यादातर टुकड़ों का वजन 1.20 से 1.29 मिलीग्राम के बीच था और इनका औसत वजन 1.82 मिलीग्राम था।
नाभि से बदबू क्यों आती है?
नाभि में रुई का बनना बिल्कुल सामान्य है, लेकिन अगर आपकी नाभि से बदबू आ रही है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है। 2012 में 'नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी' की एक रिसर्च में पाया गया कि एक आम इंसान की नाभि में लगभग 70 अलग-अलग किस्म के बैक्टीरिया घर बनाकर रहते हैं।
अगर आप नहाते समय नाभि की सफाई पर ध्यान नहीं देते, तो वहां पसीना, शरीर का तेल, डस्ट और डेड स्किन जमा होने लगती है। जब ये चीजें बैक्टीरिया के संपर्क में आती हैं, तो तेज दुर्गंध पैदा होती है।
साफ-सफाई न रखने पर हो सकता है इन्फेक्शन
नाभि की ठीक से सफाई न करने पर दो तरह के इन्फेक्शन का खतरा रहता है:
- बैक्टीरियल इंफेक्शन: बैक्टीरिया बढ़ने से नाभि में इंफेक्शन हो सकता है, जिससे भूरे या पीले रंग का डिस्चार्ज निकलने लगता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सिफालोस्पोरिन या पेनिसिलिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।
- यीस्ट इंफेक्शन: नाभि अंदर से नम और अंधेरी होती है, जो 'कैंडिडा' नाम के यीस्ट के पनपने के लिए एकदम सही जगह है। कैंडिडियासिस नाम के इस इंफेक्शन में नाभि के पास लाल चकत्ते पड़ जाते हैं, खुजली होती है और सफेद रंग का डिस्चार्ज निकलने लगता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर क्लोट्रिमेजोल या माइक्रोनाजोल जैसी एंटीफंगल क्रीम देते हैं।
बचाव के आसान तरीके
अगर आप चाहते हैं कि नाभि में रुई जमा न हो, तो आप अपने पेट के बाल शेव कर सकते हैं या फिर ऐसे पुराने और बेहद मुलायम कपड़े पहन सकते हैं जिनसे रेशे न निकलें।
इसके अलावा, अपनी नाभि को हर तरह के इंफेक्शन और बदबू से बचाने का सबसे रामबाण तरीका यही है कि रोज नहाते वक्त इसे अच्छी तरह धोएं और धोने के बाद तौलिये से बिल्कुल सूखा लें। नमी न रहने पर इन्फेक्शन का खतरा अपने आप खत्म हो जाता है।
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Reference: ScienceDirect
