गैस स्टोव जलाते ही लौ का रंग जरूर देखें, नीली नहीं तो ये संकेत कर रहा है आपका स्टोव
गैस स्टोव का रंग देखकर आप पता लगा सकते हैं कि काम करने और सुरक्षा के मामले में उसकी स्थिति क्या है।

गैस स्टोव की लौ का रंग का मतलब (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल लोगों ने खाने के मामले में सख्ती बरतना शुरू कर दिया है, हर किसी को जानना है कि थाली तक पहुंच रहा खाना कितना शुद्ध है और कितना मिलावटी। इन सब में हम किचन में रखी सबसे जरूरी चीज पर ध्यान देना भूल जाते हैं, और वो है गैस स्टोव। क्या आप जानते हैं कि गैस स्टोव की फ्लेम का रंग भी उसकी हेल्थ बताता है।
इस बार किचन में खाना बनाएं तब अपने गैस स्टोव के इस रंग को जरूर चेक करें। दरअसल, स्टोव की लौ उसकी सुरक्षा और काम करने के तरीके के बारे में बताती है, आइए इसके बारे में विस्तार से जानें:
नीला रंग
गैस स्टोव की नीली फ्लेम का मतलब है कि अपका स्टोव अपनी पूरी क्षमता के साथ अच्छे से काम कर रहा है। नीले रंग में लौ का तापमान सबसे ज्यादा होता है, जिसपर खाना जल्दी पकता है। यह रंग इस बारे में भी बताता है कि गैस की बर्बादी नहीं हो रही।
पीला या नारंगी रंग
यह रंग गैस स्टोव के अच्छे से काम न करने की तरफ इशारा करता है। इसका साफ मतलब है कि गैस और ऑक्सीजन का संतुलन बिगड़ा हुआ है। इससे गैस कम इस्तेमाल होगी और कार्बन बिल्डअप बढ़ेगा।
लाल रंग
गैस स्टोव की फ्लेम का लाल रंग किसी गंभीर खतरे के बारे में बताता है, इसका मतलब यह है कि या तो गैस लीक हो रही है या फिर उसमें से जरूरत से ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड निकल रहा है। इसे तुरंत बंद करके स्टोव को चेक करने की जरूरत है।
हरा रंग
गैस का हरा रंग सामान्य नहीं है, यह स्टोव में गंदगी और केमिकल का संकेत देता है। इस रंग का मतलब है कि बर्नर में कोई ऐसा केमिकल लग या सफाई एजेंट लग गया है जिसमें तांबा या पीतल शामिल है।
नीला और नारंगी रंग
अगर बर्नर का रंग नीला और नारंगी दोनों दिखे तो यह गंदगी और उसके छेदों के बंद होने की तरफ इशारा करता है। बर्नर की अच्छे से सफाई दोबारा से हेल्दी नीला रंग वापिस लौटा सकती है।
सफेद या फीका रंग
यह रंग गैस लाइन या बर्नर में जरूरत से ज्यादा हवा होने के में बताता है। यह इतना खतरनाक तो नहीं है पर इसकी वजह से गैस बर्नर अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पाएगा।
