ठेठ भोजपुरी गानों से बिल्कुल अलग है बिहार का 'जोगीरा', इस लोकगीत के बोलों में छिपा है इसका खास अंदाज
बिहार में फाल्गुन महीने में जोगीरा लोकगीत गाए जाते हैं। ये लोकगीत बेहद मजेदार होते हैं और हवा में मस्ती के रंग घोल देते हैं।

जोगीरा के बिना अधूरा है बिहार का फगुआ (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार की संस्कृति सिर्फ भोजपुरी फिल्मों गानों और फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। यहां के लोकगीतों में यहां की असली संस्कृति झलकती है। इन्हीं लोकगीतों मे जोगीरा भी शामिल है। ये गीत होली के समय गाए जाते हैं और इनके साथ फगुआ खेलने का मजा दोगुना हो जाता है।
जोगीरा के गीतों में मस्ती-मजाक, प्यार और व्यंग्य छिपा होता है। सारा रा रा की गूंज में गाए जाने वाले ये लोकगीत सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं गाए जाते, बल्कि इनमें बिहार की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं जोगीरा गीतों की शुरुआत कैसे हुई? आइए जानें इसका इतिहास।
क्या है जोगीरा का इतिहास
जोगीरा की जड़ें ब्रज क्षेत्र से जुड़ी हैं। माना जाता है कि होली के दौरान ब्रज में सबसे पहले इन गीतों को गाने की शुरुआत हुई, लेकिन समय के साथ यह बिहार की संस्कृति में रच-बस गया। लोगों ने इसे होली के त्योहार में शामिल किया और इन गीतों में हंसी-मजार, व्यंग्य और प्रेम जैसी भावनाओं को शामिल किया। बिहार के गांवों में यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है और फागुन के महीने में फाग मंडली जोगीरा गायन करती है।
जोगीरा की खासियत क्या है?
जोगीरा को खास उसकी शैली बनाती है। इसे सवाल-जवाब के रूप में गाया जाता है। इसमें एक पक्ष सवाल पूछता है, तो दूसरा हंसी-मजाक या व्यंग्य के ढंग में उसका जवाब देता है। इसकी एक खासियत ये भी है कि इनमें जोगीरा सारा रा रा की गूंज जरूर सुनाई देती है। इस जोगीरा गीतों की पहचान हैं।
होली के त्योहार में प्रेम के रंग तो होते ही हैं, इसलिए प्रेमी को मनाने या राधा-कृष्ण से जुड़े प्रसंग होते हैं। इसके अलावा, समाज की कुरीतियों और सामाजिक मुद्दे, जैसे- महंगाई, आदि पर व्यंग्य भी होता है। ये इतने मजेदार तरीके से गाए जाते हैं कि सुनने वालों में भी जोश भर जाता है।
कैसे गाया जाता है जोगीरा?
जोगीरा बहुत आसान, लेकिन लयबद्ध तरीके से गाया जाता है। जोगीरा के गीतों को ढोलक और मंजीरा की धुन पर गाया जाता है। गांव के पुरुष फाग मंडली बनाते हैं, जिसमें एक मुख्य गायक होता है। ये मुख्य गायक जोगीरा की शुरुआत करता है।
इसके जवाब में पूरी मंडली एक साथ जोगीरा सारा रा रा... जोर से गाती है और तुरंत सवाल का जवाब बनाकर गाया जाता है। इसकी खासियत ही यही है कि इसके जवाब तुरंत स्पॉट पर बनाए जाते हैं। इससे पूरा माहौल काफी उत्साह से भर जाता है और चारों ओर जोगीरा की गूंज छा जाती है।
