कुत्ते को नहलाते हैं लेकिन ये काम भूल जाते हैं? ग्रूमिंग में सिर्फ बाथ नहीं, ये चीजें भी हैं जरूरी
घर में शौक-शौक में डॉग रखना काफी नहीं, उनकी केयर भी ठीक से की जानी चाहिए।

ग्रूमिंग पालतू जानवरों की देखभाल के लिए जरूरी (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कुछ लोग शौक में या देखादेखी में पेट्स पाल लेते हैं, पर उनकी केयर की बात आने पर चीजों को अनदेखा करते जाते हैं। जबकि जिस तरह हमें अपनी अच्छी सेहत के लिए देखभाल की जरूरत है, उसी तरह इन बेजुबान जानवरों को भी खास केयर चाहिए।
ऐसे में अगर आपने घर में कुत्ता पाल रखा है, तो चलिए जानते हैं आखिर क्यों कुत्तों के लिए ग्रूमिंग जरूरी है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
कुत्तों की ग्रूमिंग का क्या है मतलब?
ऐसा बिल्कुल भी न सोचें कि ग्रूमिंग का मतलब पेट्स को नहलाना या उनके बाल कटवाना है। दरअसल, ग्रूमिंग में उनकी पूरी बॉडी की देखभाल से जुड़ी चीजें शामिल होती हैं, जैसे- हेयर ट्रिमिंग, त्वचा की देखभाल, नाखून काटना, कान साफ करना और दांतों की सफाई।
ग्रूमिंग क्यों है जरूरी
कुत्तों के बाल अगर उलझे हुए हो, नाखून और दांत गंदे हो और त्वचा पर गंदगी जमा हो तो इससे उनमें खुजली और फंगल इन्फेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, नियमित रूप से कान की सफाई न किए जाने पर बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में ग्रूमिंग इन सभी से कुत्तों की सुरक्षा कर उनकी सेहत का ख्याल रखती है।
कितनी बार ग्रूमिंग करें?
यह पूरी तरह से आपके डॉग पर निर्भर करता है कि उसकी ब्रीड क्या है। अगर शिह त्जू, ल्हासा अप्सो या गोल्डन रिट्रीवर ब्रीड का है, तो उसे हफ्ते में 3-4 बार ग्रूमिंग की जरूरत है। वहीं, छोटे बालों वाले डॉग्स की हफ्ते में 1-2 बार ही ग्रूमिंग करनी चाहिए। इसमें भी नहलाने की बात करें तो हफ्ते की जगह महीने में 2-3 बार नहलाना पर्याप्त है। ऐसा इसलिए क्योंकि जरूरत से ज्यादा नहलाने से उनकी त्वचा ड्राई हो सकती है।
इन बातों का रखें खास ध्यान
हमेशा डॉग फ्रेंडली स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।
ब्रशिंग भी धीरे-धीरे करनी है, ज्यादा तेज हाथ से करने से कुत्तों को दर्द हो सकता है।
डॉग्स के नाखूनों को ज्यादा अंदर तक नहीं काटना चाहिए क्योंकि इससे खून निकलने का खतरा रहता है।
कुत्तों को नहलाते समय उनके कान में पानी न जाने दें।
इस बात का भी ध्यान रखें कि डॉग्स की आंखों में साबुन का पानी न जाने पाए।
कुत्ते के लिए ग्रूमिंग को ऐसा अनुभव न बनाएं, जिससे उसमें डर पैदा हो जाए।
