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क्या देर रात खाना खाने से भी हो सकता है कैंसर? पढ़ें- डॉक्टर का जवाब

Published: Tue, 03 Feb 2026 03:04 PM (IST)

देर रात खाना सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं बनता, पर यह अप्रत्यक्ष रूप से जोखिम बढ़ाता है। यह ...और पढ़ें

क्या आप भी रात को देर से खाना खाते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

क्या आप भी रात को देर से खाना खाते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर कहा जाता है कि हम क्या खाते हैं, इस पर ध्यान देना जरूरी है। लेकिन अक्सर एक जरूरी सवाल पर ध्यान देना भूल जाते हैं कि हम कब खा रहे हैं। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और शिफ्ट वाली नौकरियों के कारण देर रात खाना एक सामान्य आदत बन गई है, जिसके कई नुकसान हैं और इनमें कैंसर भी शामिल है। 

दरअसल, मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम के मेडिकल ऑन्कोलॉजी डायरेक्टर डॉ. नागेंद्र शर्मा बताते हैं कि देर रात खाना सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं बनता, लेकिन यह आदत अप्रत्यक्ष रूप से कैंसर के खतरे को काफी हद तक बढ़ा सकती है।

शरीर की सर्केडियन रिदम का बिगड़ना

हमारे शरीर की अपनी एक आंतरिक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है। यह हमारे शरीर के हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और सेल्स की मरम्मत की प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। जब हम नियमित रूप से देर रात खाना खाते हैं, तो यह सर्केडियन रिदम बाधित हो जाती है। इसका सीधा कनेक्शन मोटापे, इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर में पुरानी सूजन से पाया गया है। ये तीनों ही फैक्टर ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं।

cancer signs

हार्मोनल असंतुलन और सेल ग्रोथ

सोने के समय के बहुत करीब भारी और हाई-कैलोरी वाला खाना खाने से शरीर में इंसुलिन और मेलाटोनिन का स्तर प्रभावित होता है। इसके दो मुख्य नुकसान हैं-

  • मेलाटोनिन की कमी- नींद के लिए जिम्मेदार मेलाटोनिन का स्तर गिरने से शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो सकती है।
  • इंसुलिन का बढ़ना- ब्लड में इंसुलिन का बढ़ा हुआ स्तर सेल्स की अबनॉर्मल ग्रोथ को बढ़ावा दे सकता है, जो कैंसर की शुरुआत का एक कारण बन सकता है।

नींद की कमी और कमजोर इम्यून सिस्टम

देर रात खाना खाने का एक बड़ा दुष्प्रभाव खराब नींद के रूप में सामने आता है। जब आपकी नींद पूरी नहीं होती या उसकी गुणवत्ता खराब होती है, तो शरीर की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है। एक मजबूत इम्यून सिस्टम ही कैंसर सेल्स की पहचान करने और उन्हें खत्म करने का काम करता है, जिसे इम्यून सर्विलांस कहा जाता है। नींद की कमी इस सुरक्षा कवच को भेद देती है।

कैंसर से बचाव के लिए क्या करें?

कैंसर की रोकथाम के नजरिए से खाने के समय में सुधार करना एक बड़ा कदम हो सकता है, जैसे- 

  • समय- सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले रात का खाना खा लें।
  • स्नैकिंग से बचें- देर रात बार-बार स्नैक्स खाने की आदत को बदलें।
  • बैलेंस्ड लाइफस्टाइल- केवल समय बदलना काफी नहीं है; इसके साथ संतुलित खान-पान, खाने की मात्रा पर नियंत्रण और नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी है।