आमतौर पर किसी बड़ी सर्जरी, कमर में दर्द, फ्रैक्चर और गर्भावस्था के दौरान या उसके बाद कोई समस्या होने पर डॉक्टर मरीज़ को घर में आराम करने की सलाह देते हैं। ऐसी स्थिति में शारीरिक गतिविधियां बिलकुल न के बराबर होने के कारण अन्य समस्याएं भी होने लगती हैं।

हो सकती हैं समस्याएं

- बेड रेस्ट की सलाह आराम करने के लिए दी जाती है पर कई बार ज़्यादा आराम करना भी सेहत के लिए हानिकारक साबित होता है।

- आमतौर पर भोजन को पचने में तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन पूरे दिन लेटे रहने के कारण ज़्यादा समय लेता है। इससे खाने से पहले या बाद में ली जाने वाली दवाओं का साइड इफेक्ट बढ़ जाता है।

- कोई काम न होने और अकेलेपन की वजह से स्ट्रेस लेवल भी बढ़ जाता है।

- धूप न मिलने से विटमिन डी की कमी हो सकती है, जिससे व्यक्ति को कमज़ोरी महसूस होने लगती है।

सबकी अलग ज़रूरतें

- हर व्यक्ति की उम्र और शारीरिक अवस्था के अनुसार उसके लिए आराम की अलग ज़रूरतें होती हैं। अत: सभी को उसके अनुकूल आराम मिलना चाहिए।

- कमर, कूल्हे या पैरों में फ्रैक्चर के दौरान बेड रेस्ट करने पर पैरों की उंगलियों को 15 मिनट के अंतराल पर हिलाते रहें, ताकि ब्लड सर्कुलेशन बना रहे।

- गर्भावस्था के दौरान या अबॉर्शन के बाद अगर बेडरेस्ट की सलाह मिली हो तो हर दो घंटे पर करवट बदलने के साथ ही अपनी उंगलियां भी चलाती रहें।

- बच्चों के लिए बेडरेस्ट की स्थिति ज़्यादा मुश्किल हो जाती है। दर्द व समस्या से ध्यान बंटाने के लिए उन्हें कहानियां सुनाएं, कुछ देर के लिए टीवी देखने दें या उनका मन हो तो कुछ पढऩे को दें।

- बुज़ुर्गों के लिए भी अकेले समय काटना बहुत कठिन हो जाता है। लेटे-लेटे ही जो काम किए जा सकें, ज़रूरत होने पर उन्हें सौंप दें। इससे वे उपेक्षित महसूस नहीं करेंगे।

- बेडरेस्ट के दौरान लंबे समय तक मोबाइल पर चैटिंग और बातचीत न करें, इससे सिर और गर्दन में दर्द हो सकता है।

रखें इन बातों का ध्यान

- लॉन्ग टर्म बेडरेस्ट होने की स्थिति में एयर बबल बेड का इस्तेमाल आवश्यक है।

- इंटरनेट मीडिया के साथ ज्य़ादा समय न बिताएं, वहां मौज़ूद नकारात्मक खबरें मेंटल हेल्थ के लिए नुकसादेह साबित हो सकती हैं।

- नमक, घी-तेल व मीठी चीज़ों का सेवन कम कर दें, अन्यथा वज़न बढ़ सकता है।

- अगर परिवार का कोई सदस्य बेड रेस्ट पर है तो आप अपनी सकारात्मक बातों से उसका मनोबल बढ़ाएं।

(उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, दिल्ली के जनरल फिजिशियन डॉ.शुचिन बजाज से बातचीत पर आधारित)

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Edited By: Priyanka Singh