नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Covid Toes: कोरोना वायरस लोगों को कई तरह से प्रभावित कर रहा है। श्वसन स्वास्थ्य से लेकर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर हमला करने तक, SARs-COV-2 वायरस ने लोगों के हाथों और पैरों की उंगलियों को भी प्रभावित किया है। इससे भले ही जान का ख़तरा नहीं होता है, लेकिन उंगलियों के सूजने से काफी दर्द सहना पड़ता है। कोविड के इस लक्षण को 'कोविड टोज़' के नाम से जाना जा रहा है। 13 साल की एक बच्ची को हाल ही में कोविड का लक्षण झेलना पड़ा, जिसकी वजह से उसका चलना और यहां तक कि जूते पहनना भी मुश्किल हो गया।

अगर आप कोविड के इस अजीब तरह के प्रभाव से अनजान हैं या इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं रखते हैं, तो आइए जानें आखिर क्या है कोविड टोज़?

कोविड टोज़ क्या है?

पोडियाट्री कॉलेज के अनुसार, चिलब्लेन को ही कोविड टोज़ का नाम दिया गया है, कुछ लोगों में कोरोना वायरस होने पर पैरों की उंगलियों में सूजन और रेडनेस हो जाती है। रिसर्च के मुताबिक, यह हाथों और पैरों दोनों की उंगलियों में हो सकता है। इसमें घाव पैदा होने के अलावा, उंगलियां लाल रंग की हो जाती हैं, जो कुछ समय बाद बैंगनी हो जाता है। ऐसा एक उंगली में भी हो सकता है या सभी।

क्या इसके पीछे कोई ख़ास वजह है?

अब तक, कोविड टोज़ के पीछे कोई विशेष कारण नहीं पाया गया है, हालांकि, रिसर्च अभी भी जारी है। विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि कोविड टोज़, इम्यून सिस्टम का कोरोना वायरस संक्रमण पर प्रतिक्रिया करने का परिणाम होता है।

दूसरी थियोरी यह है कि कोविड टोज़ SARs-COV-2 वायरस का प्रत्यक्ष परिणाम हो सकती हैं। घरों में नंगे पांव चलना, शारीरिक गतिविधियों में कमी और गतिहीन जीवन शैली इसके कुछ कारण बताए गए हैं।

इससे जुड़े लक्षण क्या हैं?

कई लोगों में, कोविड टोज़ में सिर्फ पैरों या हाथों की उंगलियों का रंग बदलना और उसमें सूजन होती है। इसमें दर्द भी हो सकता है, हालांकि कई लोगों को दर्द भी नहीं होता। दूसरे मामलों में, सूजन और उंगलियों का रंग बदलने के अलावा कोवड टोज़ में घाव, खुलजी, दर्द और त्वचा रूखी हो जाती है।

इसका इलाज क्या है?

ज़्यादातर मामलों में उंगलियां अपने आप ठीक हो जाती हैं। हालांकि, अगर यह लंबे समय तक ठीक न हो, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।

Disclaimer: लेख में दिए गए सुझाव और टिप्स सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। स्ट्रॉबेरीज़ को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से ज़रूर सलाह लें।

Edited By: Ruhee Parvez