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कमजोरी, पेट दर्द और भूख न लगना है हेपेटाइटिस का संकेत; इलाज न होने पर हो सकता है लिवर कैंसर

Published: Tue, 21 Jul 2026 04:53 PM (IST)

लिवर के ऊतकों में सूजन होने यानी हेपेटाइटिस के चलते हर साल लाखों लोगों की सेहत प्रभावित होती है। वायरल ...और पढ़ें

कमजोरी और पेट दर्द हेपेटाइटिस का संकेत समय पर इलाज से बचें लिवर कैंसर (Picture Credit- AI Generated)

कमजोरी और पेट दर्द हेपेटाइटिस का संकेत समय पर इलाज से बचें लिवर कैंसर (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. कमजोरी, भूख न लगना, पेट दर्द हेपेटाइटिस के लक्षण

  2. समय पर निदान न होने पर लिवर कैंसर का खतरा

  3. दूषित भोजन, पानी से बचें, टीकाकरण है जरूरी

सीमा झा, नई दिल्ली। अगर आपको कमजोरी अधिक महसूस होती है, भूख कम होती जा रही है, पेट में दर्द भी रहता है तो इन लक्षणों को हल्का मानने की गलती न करें। इन लक्षणों को हल्के में लेकर कुछ घरेलू उपचार करा लेना जोखिम भरा कदम हो सकता है। वास्तव में ये लक्षण हैं तो संभव है कि आप पीलिया के शिकार हो गए हों, अथवा वायरल हेपेटाइटिस के चपेट में आ गए हों।

दरअसल, इन दिनों उमस और गर्मी के कारण वायरल हेपेटाइटिस की आशंका आमतौर पर बनी रहती है। ऐसे में उचित समय पर निदान न किया जाए तो लिवर में होने वाला सूजन बड़ी व किसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। बता दें कि आगे चलकर इससे लिवर में गांठ या कैंसर भी हो सकता है।

हेपेटाइटिस को जानें

डॉ. विनोद अरोड़ा (एसोसिएट प्रोफेसर, हेप्टोलाजी, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज, नई दिल्ली) बताते हैं कि यह वायरल संक्रमण होता है। इसके कई प्रकार जैसे, ए, बी, सी, डी और ई होते हैं। सभी प्रकार की हेपेटाइटिस वायरस के कारण नहीं होते। आटोइम्यून हेपेटाइटिस भी होता है जो कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के कमजोर होने के कारण होता है। साथ ही कुछ दवाइयां और अनुचित हर्बल सप्लीमेंट का सेवन भी इसका कारण बन सकती हैं। यह शराब का अत्यधिक सेवन जिसे अल्कोहलिक हेपेटाइटिस कहा जाता है, के कारण भी हो सकता है। बता दें कि हेपेटाइटिस के वायरस हमारे शरीर में मौजूद या सुप्तावस्था में बने रहते हैं। इसलिए यदि छोटे बच्चों में एक बार यह संक्रमण हो जाता है तो शरीर इस वायरस से इम्यून हो सकता है या उसमें अधिक लक्षण नहीं दिखते हैं, पर वयस्कों में हो जाए तो यह उनके लिए एक जानलेवा समस्या बन सकती है।

 

एक बार जांच जरूरी

लिवर से जुड़ी समस्याओं को भी हल्के में न लें। साल में एक बार विस्तृत जांच या लिवर स्क्रीनिंग कराना चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी है कि लिवर में सूजन के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। यदि समय पर जांच न हो तो अचानक लिवर की बीमारी गंभीर व जानलेवा हो सकती है। हेपेटाइटिस ए, बी और सी रक्त जांच से पता कर सकते हैं। हेपेटाइटिस ए और बी को रोकने के लिए वैकसीन (टीका) हैं। जन्म के समय शिशुओं को दिया जाने वाला हेपेटाइटिस बी का टीका उनकी मां से हेपेटाइटिस फैलने से रोक सकता है। छोटी उम्र में टीका नहीं ले पाएं तो आगे 25 से 30 की उम्र तक भी आप इसे ले सकते हैं।

लक्षण को जानें

हेपेटाइटिस से ग्रसित कई लोगों को बहुत हलके लक्षण होते हैं और कई लोगों में लक्षण नहीं दिखते। इसके कुछ सामान्य लक्षणों में प्रमुख हैं-

  • कमजोरी महसूस होना
  • भूख अपेक्षाकृत कम होना
  • हल्का बुखार
  • पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
  • यूरिन का रंग गहरा होना
  • पीलिया (त्वचा और आंखों के सफेद भाग का पीला होना )

बचाव के लिए रहे ध्यान

  • दूषित खाना व जल का प्रयोग न करें।
  • वैक्सीन की न करें अदेखी।
  • टेटू कराने या दवा प्रयोग के लिए संक्रमित सूई का प्रयोग करना चाहिए।
  • अल्कोहल का असुरक्षि  सेवन न करें।

जरूरी आंकड़े 

  • 5.4 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी से ग्रसित हैं और 5 करोड़ लोगों को हेपेटाइटिस सी बीमारी है।
  • हर साल 20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं, डब्ल्यूएचओ के अनुसार

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