नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। अखरोट ना सिर्फ खाने में कुरकुरा और मज़ेदार लगता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद उपयोगी है। हेल्दी फैट, फाइबर, विटमिन्स और मिनरल्स से भरपूर अखरोट दिमाग की सेहत को दुरुस्त रखता है, साथ ही याददाश्त भी बढ़ाता है। अखरोट में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फॉरस, कॉपर, सेलेनियम, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो अच्छी सेहत के लिए उपयोगी है।

न्यूट्रिएंट (Nutrients) जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हफ्ते में पांच या इससे ज्यादा अखरोट का सेवन करने से अचानक मौत का जोखिम बहुत कम हो जाता है और जीवन प्रत्याशा भी बढ़ जाती है। शुगर के मरीज़ों के लिए अखरोट का सेवन बेहद असरदार है। अगर अखरोट को भीगोकर खाया जाए तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि शुगर के मरीज़ों के लिए अखरोट किस तरह उपयोगी है और इसके कौन-कौन से फायदे हैं।

शुगर के मरीज़ों को भीखा हुआ अखरोट खाने के फायदे:

ड्राई फूट्स और सीड्स के अंदर कुछ ऐसे तत्व होते हैं जिन्हें कच्चा खाने पर पचाना मुश्किल होता है अगर उन्हें भिगोकर खाया जाए तो वो आसानी से पच जाते हैं। टाइप 2 डायबिटीज पेशेंट अगर सुबह रोजाना खाली पेट दो अखरोट का सेवन करें तो उसका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा।

अखरोट में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जो ब्लड में शुगर के स्तर को कंट्रोल करता है। भीगे हुआ अखरोट इंसुलिन को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करता है। 

सेहत को किस तरह फायदा पहुंचाता है अखरोट

हड्डियां मज़बूत करता है:

अखरोट में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है जिसके सेवन से हड्डियां मज़बूत होती है। अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक ऐसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में असरदार है, साथ ही बॉडी में सूजन को भी कम करता है। 

दिल की सेहत भी रहती है दुरुस्त:

दिल की सेहत के लिए भी अखरोट बेहद असरदार है। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड मौजूद होता है जो शरीर से बैड कलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कलेस्ट्रॉल के निर्माण में मदद करता है, जो हार्ट के लिए फायदेमंद है।

याददाश्त बढ़ाने के साथ ही तनाव भी दूर करता है:

लोगों पर तनाव बेहद हावी है ऐसे में तनाव से छुटकारा पाने के लिए अखरोट का सेवन बेहद असरदार है। ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ब्लड प्रेशर को संतुलित कर तनाव से राहत दिलाता है। भीगे अखरोट खाने से आपका मूड भी अच्छा होता है और मूड अच्छा होने से आपका स्ट्रेस कम हो जाता है। 

Edited By: Shahina Noor