मिठाइयां ज्यादा और पानी कम! फेस्टिव सीजन में यह गलती बढ़ाती है किडनी स्टोन का खतरा, 5 लक्षणों को न करें अनदेखा
त्योहारों में ज्यादा मिठाइयां खाना और पानी की कमी मिलकर किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा सकती है।

फेस्टिव सीजन में शरीर में न होने दें पानी की कमी (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में त्योहारों की रौनक देखते ही बनती है। लड्डू, काजू कतली, गुलाब जामुन और तरह-तरह के पकवानों से घर महक उठता है।
मेल-जोल के इस माहौल में हम अक्सर तली-भुनी चीजों और मिठाइयों का खूब मजा लेते हैं, लेकिन इस जश्न के बीच हम एक बेहद जरूरी काम भूल जाते हैं, जो है शरीर को हाइड्रेट रखना यानी सही मात्रा में पानी पीना।

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आखिर कैसे बनती है पथरी?
त्योहारों के दौरान अगर आप खुशी-खुशी थोड़ा-बहुत मीठा खा लेते हैं, तो कोई परेशानी नहीं है। असली दिक्कत तब शुरू होती है जब आप पानी पीना कम कर देते हैं और चीनी, नमक या मीठे ड्रिंक्स का सेवन बढ़ा देते हैं। इससे किडनी स्टोन का खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले भी यह समस्या हो चुकी है।
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो पेशाब में मौजूद मिनरल्स और नमक गाढ़े होकर सख्त क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं और यही पथरी बन जाते हैं। खराब डाइट और पानी की कमी के साथ-साथ जेनेटिक्स, डायबिटीज या गाउट जैसी बीमारियां भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं।
इन संकेतों को कभी न करें इग्नोर
शरीर हमेशा खतरे से पहले इशारा करता है। अगर आपकी पीठ के निचले हिस्से, पेट की साइड या कमर में अचानक से लहर जैसा तेज दर्द उठे, तो यह पथरी का सबसे बड़ा संकेत है। इसके अलावा कुछ और लक्षण भी हैं जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए:
- पेशाब करते वक्त जलन या भयंकर दर्द महसूस होना।
- पेशाब से बहुत तेज बदबू आना या उसमें खून दिखाई देना।
- दर्द के साथ-साथ उल्टी आना या जी घबराना।
- यूरिन की समस्या के साथ तेज बुखार आना।
- अगर दर्द के साथ बुखार और उल्टी भी महसूस हो, तो बिना देरी किए उसी दिन डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
त्योहारों में कैसे रखें किडनी को सुरक्षित?
- पानी से दोस्ती: दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसका सबसे अच्छा पैमाना यह है कि आपके पेशाब का रंग हल्का पीला होना चाहिए।
- मीठे पर लगाम: दिन भर मिठाइयां चबाने के बजाय, पूरे दिन में सिर्फ एक या दो छोटे टुकड़े ही खाएं।
- सब्जियों और फलों का कमाल: अपनी डाइट में करीब 400 ग्राम ताजे फल और सब्जियां शामिल करें। इससे शरीर को भरपूर फाइबर मिलेगा और पेट भी हल्का रहेगा।
- थोड़ी-सी कसरत: रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या हल्की-फुल्की कसरत जरूर करें। रात के भारी खाने के बाद टहलना भी एक बेहतरीन विकल्प है।
- दर्द को न टालें: किसी भी तरह के दर्द को छोटा समझकर पेनकिलर के भरोसे न बैठें। समय पर चेकअप बड़ी मुसीबत से बचा सकता है।
डॉक्टर के पास कब जाएं और क्या है इलाज?
यदि दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाए या एक दिन से ज्यादा टिके, तो मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है। डॉक्टर शुरुआत में खून और पेशाब की जांच करते हैं ताकि इन्फेक्शन या किडनी की स्थिति का पता चल सके। जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन भी किया जाता है, जिससे पथरी के सटीक आकार, उसकी जगह और ब्लॉकेज का पता चल जाता है।
इलाज पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि पथरी कितनी बड़ी है। अगर पथरी छोटी है, तो वह ज्यादा पानी पीने और दर्द की साधारण दवाओं से खुद ही बाहर निकल जाती है। हालांकि, अगर पथरी बड़ी है, जिससे पेशाब का रास्ता रुक रहा है या भयंकर दर्द है, तो उसे 'शॉक-वेव लिथोट्रिप्सी' या एंडोस्कोपिक सर्जरी के जरिए शरीर से बाहर निकाला जाता है।
त्योहारों का मतलब अपनों के साथ खुशियां मनाना है, अस्पताल के चक्कर काटना नहीं। बस थोड़ा-सा ध्यान रखकर, खूब पानी पीकर और शरीर के शुरुआती संकेतों को समझकर आप अपनी किडनी को एकदम सुरक्षित रख सकते हैं। लगातार दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेने में बिल्कुल भी संकोच न करें।
(डॉ. डी.आर. धवन, मणिपाल हॉस्पिटल (जयपुर) में यूरोलॉजी विभाग के एचओडी हैं)
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