नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोनावायरस कब तक हम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बना रहेगा इसका अंदाज़ा किसी को नहीं है। इस वायरस की चेन को तोड़ना है तो फिज़िकल डिस्टैंसिंग का पालन करना होगा, साथ ही मास्क लगाना होगा। इस वायरस से बचाव करने के लिए वैक्सीन विकसित हो चुकी है। अगर ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन की डोज ले लें तो इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने अपने अध्ययन में इस बात की जानकारी दी है कि वैक्सीन की डोस संक्रमण को कुछ हद तक कम कर सकती है।

सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई थी उनके जरिए तकरीबन 38 प्रतिशत से 49 प्रतिशत लोगों के बीच परिवार में कम संक्रमण फैला था। शोध में शामिल लोगों ने ब्रिटेन में अधिकृत फाइजर या एस्ट्राजेनेका के टीके की एक खुराक पहले से ली हुई थी। जिन लोगों ने वैक्सीन की खुराक नहीं ली थी उनसे संक्रमण अधिक फैला। 

संक्रामक रोग नियंत्रण में सेवानिवृत्त सलाहकार पीटर इंग्लिश के मुताबिक वैक्सीन की डोज़ लेने के परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं। शोध के मुताबिक टीकाकरण लोगों को संक्रमित होने से काफी हद तक बचाएगा। अध्ययन के अनुसार भले ही टीकाकरण करवाए हुए लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन वे इतने संक्रामक नहीं होंगे जिससे अस्पताल जाने की नौबत आए। वैक्सीन लगवाने से दूसरों में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना कम होती है। यह नतीजे बेहद उत्साहजनक हैं।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में करीब 24,000 घरों में रहने वाले 57,000 से अधिक लोगों को शामिल किया। इस दौरान ध्यान रखा गया कि परिवार का कोई न कोई सदस्य वैक्सीनेटेड हो। इनकी तुलना लगभग ऐसे दस लाख लोगों के साथ की गई, जिन्होंने अपना टीकाकरण नहीं करवाया है। हालांकि इस अध्ययन को लेकर अभी गहरी समीक्षा होना बाकी है। नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 3.38 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोनावायरस वैक्सीन की पहली खुराक दे दी गई है। 

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