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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus: ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट ने भारत में भी बढ़ाई चिंता, जानें इसके लक्षणों के बारे में

By Jagran NewsEdited By: Ruhee Parvez
Published: Mon, 17 Oct 2022 06:00 PM (IST)Updated: Mon, 17 Oct 2022 06:43 PM (IST)

Coronavirus कोरोना वायरस के नए-नए वेरिएंट लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में ओमिक्रॉन का सबवेरिएंट BF.7 के चीन ...और पढ़ें

Coronavirus: जानें ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट के बारे में
Coronavirus: जानें ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट के बारे में

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus: कोरोना वायरस महामारी को ढाई साल से ज़्यादा का समय हो गया है और लगातार एक लहर के बाद दूसरी से लड़ रहे हैं। पिछले साल के अंत में कोविड का ओमिक्रॉन वेरिएंट सामने आया था, जिसके बाद इसके कई सबवेरिएंट लगातार आ रहे हैं। अब ओमिक्रॉन के नए सबवेरिएंट्स BA.5.17 और BF.7 सामने आए हैं। इसका मामला भारत में देखा गया है। चिंता की बात यह है कि यह और भी तेज़ी से फैल रहा है।

क्या है ओमिक्रॉन BF.7?

ओमिक्रॉन BF.7 ओमिक्रॉन का सबसे नया सबवैरिएंट है, जो सबसे पहले उत्तर पश्चिमी चीन के मंगोलिया में पाया गया। इस सबवेरिएंट को 'ओमिक्रॉन स्पॉन' भी कहा जा रहा है। यह नया वेरिएंट तेज़ी से फैल रहा है, जो चीन के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम सहित कई अन्य देशों में पहुंच चुका है।

भारत में भी आया पहला मामला 

हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमिक्रॉन BF.7 का पहला मामला सामने आ चुका है, जिसका गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर द्वारा पता लगाया गया है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लापरवाही के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि चीन में कोविड-19 मामलों में हालिया उछाल के पीछे वेरिएंट BF.7 और BA.5.1.7 हैं।

इन लक्षणों पर रखें नज़र

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमिक्रॉन BF.7 के आम लक्षण भी वही हैं, जो पहले के वेरिएंट्स के थे। गले में खराश, कंजेशन, थकान, खांसी और नाक बहना इसके लक्षणों में शामिल हैं।

कितना चिंताजनक है ओमिक्रॉन BF.7?

अभी तक हुई दो रिसर्च से पता चलता है कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन BF.7, पिछले संक्रमण से मिली इम्यूनिटी और एंटीबॉडीज़ को चकमा देने में माहिर है, जो ओमिक्रॉन के पिछले वेरिएंट्स से ज़्यादा ताकतवर साबित हो सकता है। राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह टीकाकरण (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष, डॉ एन.के. अरोड़ा का कहना है कि अगले दो से तीन हफ्ते बेहद अहम हैं। कोविड-19 संक्रमण अब भी है, और दो साल से ज़्यादा के समय बाद भी इसके नए-नए वेरिएंट्स सामने आ रहे हैं। इसलिए हमें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासतौपर त्योहारों के इस समय में।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik