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बारिश में बंद कमरे और भीड़ बढ़ा सकते हैं इंफेक्शन का खतरा, एक्सपर्ट ने दिए बचाव के लिए खास टिप्स

Published: Thu, 02 Jul 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

बारिश का मौसम भयंकर गर्मी से राहत तो दिलाता है पर इसके साथ यह सांस से जुड़े इन्फेक्शन के लिए भी खतरा पैदा करता है।

बारिश में सांस से जुड़े इन्फेक्शन से बचने के लिए खास टिप्स (Image Source: AI Generated)

बारिश में सांस से जुड़े इन्फेक्शन से बचने के लिए खास टिप्स (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश का मौसम भयंकर गर्मी से राहत तो दिलाता है पर इसके साथ यह सांस से जुड़े इन्फेक्शन के लिए भी खतरा पैदा करता है। वातावरण में बढ़ी हुई नमी, ऊपर-नीचे होता तापमान, पानी का भराव और लोगों का भीड़भाड़ में रहना बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने और फैलने का कारण बनता है।

यही वजह है कि सामान्य सर्दी-जुकाम, इंफ्लुएंजा, ब्रोंकाइटिस और निमोनिया लोगों में आम हो जाता है। फिर कुछ लोगों का शरीर इन बीमारियों के लिए बेहद संवेदनशील भी होता है। यहां पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत से डॉ. विवेक नांगिया बता रहे हैं किन लोगों को बारिश में रहता है सांस से जुड़े इन्फेक्शन का खतरा। 

बारिश में किसे रहता है सांस से जुड़े इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा? 

डॉ. विवेक नांगिया का कहना है बच्चे, बुजुर्ग, प्रेग्नेंट महिलाएं और फेफड़ों की समस्या जैसे COPD, अस्थमा या ब्रोंकाइटिस पहले से झेल रहे लोग बारिश के मौसम में इन्फेक्शन को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा, जो लोग डायबिटीज, दिल या किडनी से जुड़ी बीमारी, कैंसर या किसी तरह की इम्यूनोसप्रेसिव थेरेपी ले रहे हैं, उन्हें भी इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा रहता है। स्मोकिंग और एयर पलूशन के संपर्क में आने से भी फेफड़े कमजोर हो जाते हैं और इससे भी लोग इन्फेक्शन को लेकर सेंसीटिव हो जाते हैं। 

बचाव के लिए क्या करें? 

कुछ आसान तरीकों से सांस से जुड़े इन्फेक्शन का खतरा कम किया जा सकता है, जिनके बारे में डॉ. विवेक नांगिया यहां बता रहे हैं: 

  • लगातार हाथ धोना 

  • बीमार व्यक्ति से नजदीक से संपर्क में न आना 

  • भीड़ में जाते हुए मास्क पहनना 

  • घर के अंदर अच्छा वेंटिलेशन रखना 

  • पर्याप्त नींद लेना 

  • हेल्दी डाइट 

  • हाइड्रेट रहना 

  • अस्थमा या COPD के मरीज रेगुलर इनहेलर लें और रेस्क्यू मेडिसिन तैयार रखें 

  • सीजनल और निमोनिया वैक्सीनेशन (जिन लोगों को खतरा ज्यादा है) 

मॉनसून में होने वाले ज्यादातर इन्फेक्शन वायरल होते हैं और ऐसे केस में एंटीबायोटिक काम नहीं करती। वहीं, बेवजह या बिना सोचे समझे एंटीबायोटिक ली जाएं तो ये एंटीमाइक्रोबियल बन जाती हैं, जिससे भविष्य में होने वाले इन्फेक्शन से शरीर को लड़ने में परेशानी होती है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दवा हमेशा डॉक्टर से बात करके ही लेनी चाहिए। उनका मानना है कि समय रहते बरती गई सावधानी किसी गंभीर बीमारी की रोकथाम और अस्पताल जाने से रोक सकती है। 

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