भारत में जल्द मिलेगा ओजेम्पिक का देसी और सस्ता वर्जन, डॉक्टर से जानें इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी बातें
भारतीय फार्मा कंपनियां जल्दी ही ओजेम्पिक का सस्ता और देसी वर्जन लॉन्ज करने वाली हैं।

भारत आने वाला ओजेम्पिक का सस्ता वर्जन (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में जल्द ही दुनिया की सबसे चर्चित दवाओं में से एक ओजेम्पिक का देसी अवतार देखने को मिल सकता है। दरअसल, इस दवा के एक्टिव इंग्रिडिएंट सेमाग्लूटाइड पर मूल कंपनी का पेटेंट खत्म होने वाला है, जिससे भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए कम कीमत में इसका जेनेरिक वर्जन बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि सेमाग्लूटाइड होता क्या है, यह कैसे काम करता और क्या इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? इन्हीं सवालों के जवाब हमने डॉ. मोहित शर्मा (सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानने की कोशिश की।
सेमाग्लूटाइड क्या है और यह कैसे काम करता है?
सेमाग्लूटाइड एक GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट है। यानी यह हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हार्मोन ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1 की नकल करता है। यह शरीर में मुख्य रूप से चार तरह से काम करता है-
- इंसुलिन का सीक्रेशन- जब ब्लड शुगर बढ़ता है, तो यह पैंक्रियाज को ज्यादा इंसुलिन बनाने का संकेत देता है।
- ग्लूकागन पर कंट्रोल- यह शरीर में शुगर बढ़ाने वाले हार्मोन ग्लूकागन के स्तर को कम करता है।
- पाचन की गति- यह पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता।
- दिमाग पर प्रभाव- यह दिमाग के उस हिस्से पर काम करता है जो भूख को कंट्रोल करता है, जिससे व्यक्ति को पेट भरा हुआ महसूस होता है और वह कम कैलोरी इनटेक करता है।
इसका इस्तेमाल कौन कर सकता है?
सेमाग्लूटाइड हर किसी के लिए नहीं है। इसका इस्तेमाल डायबिटीज और वजन कम करने के लिए किया जाता है-
- टाइप-2 डायबिटीज- ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए।
- वजन कम- उन वयस्कों के लिए जिनका BMI बहुत ज्यादा है और जिन्हें मोटापे के कारण स्वास्थ्य जोखिम हैं।
इसके साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
वजन कम करने के लिए यह एक आसान उपाय लग सकता है, लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं-
- जी मचलना
- उल्टी
- दस्त
- कब्ज
- पेट में गड़बड़ी
- भूख न लगना
गंभीर मामलों में इसके जोखिम बढ़ सकते हैं, जैसे-
- पैनक्रिएटाइटिस
- गॉलब्लैडर की बीमारी
- डिहाइड्रेशन के कारण किडनी की बीमारी
- डायबिटीज की दवाओं के साथ रिएक्ट करके हाइपोग्लाइसीमिया
- थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं
क्या इसे ओवर-द-काउंटर खरीद सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। यह सबसे जरूरी बात है। सेमाग्लूटाइड कोई कॉस्मेटिक शॉर्टकट या सप्लीमेंट नहीं है जिसे आप अपनी मर्जी से मेडिकल स्टोर से खरीद सकें। यह एक प्रेस्क्रिप्शन मेडिसिन है। इसका इस्तेमाल हमेशा किसी डॉक्टर की देख रेख में और अन्य बीमारियों की जांच करने के बाद ही तय करते हैं।
