दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। भारत समेत विश्व के कई देशों में कटहल की खेती की जाती है। यह एक मौसमी फल है। इसकी सब्जी भी बनाई जाती है। वहीं, पक जाने पर फल के रूप में खाया जाता है। अंग्रेजी में कटहल को जैकफ्रूट कहा जाता है। वजन के हिसाब से यह सबसे बड़ा फल होता है। एक कटहल का वजन 20 किलो से अधिक होता है। यह फल सेहत के लिए लाभदायक होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एंटी-डायबिटिक एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहेल्मिन्थिक्स के गुण पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों में सहायक सिद्ध होते हैं। खासकर डायबिटीज के लिए कटहल वरदान माना जाता है। यह हीमोग्लोबिन के ग्लाइकेशन को रोकने में सक्षम हो सकता है। ऐसा कटहल में मौजूद लाइकोपीन, एसिड-कैरोटीन और एस्कॉर्बिक एसिड की उपस्थिति के कारण होता है। एक शोध से पता चला है कि कटहल में एंटी डायबिटिक की तरह काम करता है। वहीं, कटहल के बीज भी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसके सेवन से कई बीमारियों में बहुत जल्द आराम मिलता है। खासकर बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में कटहल के बीज मददगार साबित होते हैं। आइए, कटहल के बीज के फायदे जानते हैं-

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में सक्षम

एक शोध की मानें तो कटहल के बीज में Saponin (सैपोनिन) नामक तत्व पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार होता है। इसके लिए बढ़ते कोलेस्ट्रॉल से परेशान लोगों को अपनी डाइट में कटहल के बीज को शामिल करना चाहिए। हालांकि, इसे उबालकर सेवन करना बेहतर माना जाता है। वहीं, आप कटहल के बीज की सब्जी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। साथ ही कटहल के बीज को भूनकर भी सेवन कर सकते हैं।

पाचन तंत्र मजबूत होता है

कटहल के बीज में डायटरी फाइबर पाए जाते हैं, जो पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है। पेट संबंधी विकारों को भी दूर करने में कटहल के बीज सहायक होते हैं। साथ ही कटहल के बीज में आयरन भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। डॉक्टर्स भी आयरन की कमी को दूर करने के लिए डाइट में कटहल के बीज को शामिल करने की सलाह देते हैं।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Edited By: Pravin Kumar