नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। हमारी बॉडी दवाइयों की इस कदर आदी हो चुकी है कि हम बॉडी में कहीं भी हल्का सा दर्द होने पर आराम पाने के लिए फौरन पेन किलर का इस्तेमाल करते हैं। आप जानते हैं कि दवाइयों का ज्यादा सेवन आपकी बॉडी को खोखला कर देता है। ज्यादा पेनकिलर का इस्तेमाल करने से पेट में अल्सर, कब्ज और लीवर डैमेज होने का खतरा रहता है। दवाइयां किडनी को धीरे-धीरे कमजोर कर देती हैं। बॉडी के किसी भी हिस्से में दर्द की शिकायत रहती है तो सबसे पहले इस दर्द का उपचार नेचुरल रेमेडीज़ से कीजिए, राहत नहीं मिलने पर डॉक्टर से इलाज कराएं। हमारे पास कई ऐसे आयुर्वेदिक मसाले मौजूद हैं, जो बेहतरीन पेन किलर के तौर पर काम करते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से दर्द के लिए हम किन-किन मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कान के दर्द का उपचार करें लहसुन से: 

बारिश में कान का दर्द ज्यादातर लोगों को परेशान करता है। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप लहसुन का इस्तेमाल पेन किलर के तौर पर करें। लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो कान के संक्रमण को कम कर सकते है।

लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें:

लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में डालकर गर्म करें। जब यह भूरे रंग की हो जाए तो उसे छान लें और गुनगुना होने पर इसकी 2-3 बूंदें कान में डाल लें। लहसुन के तेल से आपको कान के दर्द से तुरंत राहत मिलेगी।

दांतों का दर्द दूर करेगी लौंग:

दांतों का दर्द दूर करने के लिए लौंग नेचुरल पेन किलर के तौर पर काम करेगी। इसमें मौजूद एनालजेसिक कॉम्पोनेंट और एंटी-इंफ्लेमैटोरी गुण दांत और मसूड़ों की सूजन को कम करता है।

कैसे करें लौंग का इस्तेमाल:

लौंग के तेल में रूई के फाहे को डुबोकर दर्द वाले हिस्से के पास दबाने से काफी राहत मिलती है। इसके अलावा आप लौंग की दो कलियों भी चबा सकते हैं।

गैस के दर्द का बेहतरीन उपचार है सेब का सिरका: 

अपच और गैस के कारण पेट में असहनिय दर्द रहता है तो सेब का सिरका आपको इस दर्द से निजात दिला सकता है। यह हमारे पेट को जरूरी ऐसिड प्रदान करता है।

कैसे करें इसका इस्तेमाल:

सेब के सिरके को पानी और शहद के साथ इस्तेमाल किया जाए तो खट्टी डकार व पेट दर्द से तुरंत राहत मिलती है।

दर्द से निजात पाने के लिए बेस्ट है आइस ट्रीटमेंट

मोच, खरोंच, मांसपेशियों में खिंचाव से दर्द रहता है तो आइस ट्रीटमेंट का सहारा लीजिए। सूजन व दर्द वाली जगह पर बर्फ से सिकाई करने से दर्द से मुक्ति मिलती है। 

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Edited By: Shahina Noor