जीरा एक ऐसा मसाला है जिसका छौंक लगाने से दाल और सब्जियों का स्वाद बहुत बढ़ जाता है। चाट का चटपटा स्वाद भी जीरे के बिना अधूरा सा लगता है। जीरा के बिना तो भारतीय व्‍यंजनों की कल्‍पना करना भी असंभव सा लगता है। सभी प्रकार के भारतीय व्यंजनों में विशिष्ट स्वाद के कारण जीरा का उपयोग किया जाता है। जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है। जीरा भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि जैसे पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने वाली एक विश्वसनीय औषधि है।

जीरे के आयुर्वेदिक उपयोग

बुखार

1-3 ग्राम जीरे को गुड़ के साथ लें।

मां का दूध न उतरना

1-3 ग्राम जीरे को गुड़ के साथ लें।

डायरिया

1-3 ग्राम जीरे को बटर मिल्क के साथ दिन में 2 बार लें।

त्वचा रोग

जीरे के क्वाथ से नहाएं।

जारे के तेल का प्रयोग करें

पेट दर्द

1-3 ग्राम जीरे के चूर्ण को 1 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर दिन में 2 बार लें। 

हाइपरएसिडिटी

गेस्ट्राइटिस

एनोरेक्सिया

पाचन स्वस्थ करने के लिए

जारा और धनिया से साधित घृत बनाएं।

1 चम्मच सुबह, 1 चम्मच शाम को लें।

Posted By: Priyanka Singh