डेंगू बीमारी की सबसे बड़ी वजह वायरस संक्रमण होती है, इस संक्रमण के वाहक होते हैं वो मच्छर जो मॉनसून के दौरान जल जमाव से पैदा होते हैं। डेंगू के लक्षणों के ज़रिए ही इसकी पहचान की जा सकती है, इसके लक्षणों में सिरदर्द, तेज़ बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव आना शामिल है। इस तरह के लक्षण दिखने पर रोगी को तुरंत डॉक्टरी सलाह से खून की जांच करवानी चाहिए। डेंगू बुखार के दौरान रोगी के शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा लगातार कम होने लगती है। 

क्यों ख़तरनाक है प्लेटलेट्स का कम होना

शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या का कम हो जाना बहुत ही ख़तरनाक साबित हो सकता है। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को थ्रोंबोसाइटोपीनिया कहते हैं, इस दौरान शरीर में थ्रोंबोसाइट्स यानी प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाती है। ये प्लेटलेट्स(थ्रोंबोसाइट्स) हमारे शरीर में एक बेहद ही अहम प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। चोट लगने पर खून बहता है, लेकिन कुछ ही देर में वहां एक परत बन जाती है जिसकी वजह से रक्तस्राव रुक जाता है। दरअसल ये प्लेटलेट्स(थ्रोंबोसाइट्स) ही होते हैं जो रक्तस्राव की जगह पर आपस में चिपककर एक गाढ़ी संरचना तैयार करते हैं जिसे ब्लड क्लॉटिंग कहते हैं। इसकी वजह से शरीर से अतिरिक्त रक्तस्राव नहीं होता। लेकिन प्लेटलेट्स की कमी की वजह से चोट की जगह पर रक्तस्राव के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया नहीं हो पाती और शरीर से लगातार खून बहता रहता है। लिहाज़ा प्लेटलेट्स का कम हो जाना बेहद ही खतरनाक साबित हो सकता है।

प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार हैं ये आहार

किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में सामान्य प्लेटलेट काउंट डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख प्रति माइक्रोलीटर होता है। अगर यही प्लेटलेट काउंट  डेढ़ लाख प्रति माइक्रोलीटर से नीचे चला जाए तो उस स्थिति में उसे लो प्लेटलेट काउंट माना जाता है। लेकिन ऐसे कई प्राकृतिक आहार  हैं जिनके सेवन से प्लेटलेट काउंट बढ़ाया जा सकता है - 

1. पालक- विटामिन 'के' से भरपूर पालक प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में बेहद ही मददगार है। दरअसल ब्लड क्लॉटिंग में विटामिन 'के' एक बेहद ही अहम भूमिका निभाता है। इसलिए ब्लड में विटामिन ‘के’ की पर्याप्त मात्रा होनी बेहद ज़रुरी है। 

2. चुकंदर- चुकंदर प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्‍सीडेंट और हेमोस्टैटिक गुणों से भरपूर होता है और इसी वजह से ये प्‍लेटलेट काउंट को कुछ ही दिनों में बढ़ा देता है। चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है।  

3. गिलोय- डेंगू के मरीज़ों को अगर नियमित तौर पर गिलोय का जूस दिया जाए तो उनके प्लेटलेट्स काउंट बहुत ही तेज़ी से बढ़ते हैं। 

4. कद्दू- विटामिन ‘ए’ से भरपूर कद्दू के सेवन से प्‍लेटलेट कांउट में सुधार आता है। कद्दू शरीर की कोशिकाओं में उत्पन्न होने वाले प्रोटीन की मात्रा को नियंत्रित करते हुए प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में मदद करता है। 

5. आंवला- आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर आंवला प्‍लेटलेट काउंट को बढ़ाने में एक बेहद ही उपयोगी आहार है। आंवले का सेवन जूस, मुरब्बा, आचार आदि में किया जा सकता है। आंवले में विटामिन ‘सी’ भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो शरीर में प्लेटलेट्स के उत्पादन को बढ़ाता है, साथ ही ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी अहम साबित होता है। 

6. नारियल पानी- नारियल पानी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को राहत और स्फूर्ति प्रदान करते हैं इसके साथ ही ये शरीर को ज़रुरी मिनरल्स भी प्रदान करते हैं जो शरीर में प्लेटलेट काउंट बढ़ाते हैं। 

7. पपीता- पपीते का फल और पत्तियां दोनों ही बहुत गुणकारी होते हैं। शरीर में प्लेटलेट काउंट कम होने पर पपीता और इसकी पत्तियों के सेवन से कुछ ही दिनों में प्लेटलेट काउंट में सुधार देखने को मिलता है। 

 

Posted By: Priyanka Singh