यंगस्टर्स में सिक्स-पैक एब्स बनाने का क्रेज काफी देखा जाता है। अब जिम और फिटनेस सेंटर्स बंद हैं तो उनके सामने एक बड़ा चैलेंड खड़ा हो गया है। हालांकि, उनके लिए अच्छी खबर यह ह कि घर पर रहते हुए भी वे कुछ योगासनों की मदद से अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

नौकासन

यह योग मुद्रा न केवल पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है, बल्कि पैर और हाथ की मांसपेशियों को भी टोन करती है। इसकी मदद से आप आसानी से सिक्स-पैक एब्स बना पाएंगे। इसे करने के लिए योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं, पैरों को एक साथ लाएं और अपनी बाहों के साथ जोड़े। अब बाहों को पैरों की ओर बढ़ाते हुए छाती और पैरों को जमीन से उठाएं, आपके शरीर का वजन पूरी तरह से हिप्स पर होना चाहिए, अपनी आंखों, हाथ की उंगलियों और पैर की उंगलियों को एक लाइन में ही रखें। सांस रोकें और कुछ सेकेंड्स के लिए इस पोजिशन में बने रहें। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे शरीर को शुरुआती पोजिशन में लाएं और रिलैक्स करें।

विपरीत शलभासन

यह योगासन छाती, कंधे, हाथ, पैर, पेट और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को फैलाता है और मजबूत करता है। इसके अलावा यह रीढ़ की मालिश करता है और पीठ को दबाए रखता है। इसके साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार करता है। इसे करने के लिए अपनी बाहों को सामने को ओर फैलाकर अपने पेट के बल लेटें। अब, अपने चेहरे को नीचे देखते हुए धीरे-धीरे सिर, छाती, जांघों और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं। यह तय कर लें कि आपका पेट और पेल्विस एरिया फर्श को छूने वाली अकेली जगह हो। आप अपनी पूरी रीढ़, एब्डोमिनल और ग्लूटियल मांसपेशियों को काम करते हुए महसूस करेंगे। अगर आप कर सकते हैं तो 3-5 सेकंड या उससे ज्यादा वक्त के लिए इस मुद्रा को बनाए रखें।

हलासन 

यह मुद्रा आपके पेट की मांसपेशियों, कंधों, पीठ और पैरों को टोन करने में मदद करते हैं। हलासन डाइजेस्टिव सिस्टम को भी एक्टिवेट करता है और भूख में सुधार करता है। साथ ही यह कब्ज को भी दूर करने में मदद करता है। इसे करने के लिए बांहों को शरीर के बगल में रखते हुए पीठ के बल लेट जाएं, धीरे-धीरे अपने पेट की मांसपेशियं की ताकत का इस्तेमाल करके पैरों को ऊपर उठाएं, जब तक कि वे फर्श के वर्टिकल न हों। फर्श के खिलाफ अपनी बांहों को दबाते हुए, अपने हिप को ऊपर उठाएं और तब तक रीढ़ को रोल करना जारी रखें जब तक कि पैर सिर के ऊपर से होकर जमीन तक नहीं पहुंचते। लगभग 20-25 सेकेंड्स के लिए इस पोजिशन में बने रहें। धीरे से इस मुद्रा को छोड़ते हुए, पैरों को जमीन पर टिकाएं, आराम करें और दोहराएं।

Pic credit- Freepik

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