सुबह तकिए पर टपकती लार को मत समझिए मामूली, शरीर में इन 6 बदलावों का हो सकता है इशारा
सोते समय लार टपकना बच्चों में आम है, लेकिन बड़ों में यह शरीर में किसी बदलाव का संकेत हो सकता है।

सोते समय मुंह से लार क्यों निकलती है? (Image Source: AI-Generated)
HighLights
सोते समय लार टपकना सियालोरिया कहलाता है, जो सामान्य नहीं
न्यूरोलॉजिकल बीमारियां, संक्रमण, खानपान मुख्य कारण हो सकते हैं
सही सोने की स्थिति और उपचार से समस्या का समाधान संभव
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या सुबह उठने पर आपको अक्सर अपना तकिया गीला मिलता है? जी हां, सोते समय मुंह से लार का टपकना एक ऐसी चीज है जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर इस पर बात करने से झिझकते हैं।
मेडिकल भाषा में इसे Sialorrhea कहा जाता है। छोटे बच्चों में तो यह एकदम आम बात है, लेकिन अगर बड़ों में यह समस्या अचानक बढ़ जाए, तो यह शरीर में हो रहे किसी बदलाव का संकेत भी हो सकता है। आइए, डिटेल में जानते हैं इस बारे में।
लार टपकने के पीछे आखिर क्या वजहें हैं?
मुंह में जरूरत से ज्यादा थूक बनना, निगलने में दिक्कत होना या मुंह की मांसपेशियों पर कंट्रोल न होना इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं जो लार बनने की प्रक्रिया को तेज करती हैं:
- उम्र और खानपान: दो साल तक के बच्चों में यह बेहद आम है, खासकर जब 3 से 6 महीने के बीच दांत निकल रहे हों। वहीं, ज्यादा खट्टी या बहुत मीठी चीजें खाने से भी मुंह में ज्यादा लार बनती है।
- दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियां: पार्किंसंस, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज्म, मल्टीपल स्केलेरोसिस और एएलएस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में यह समस्या काफी देखी जाती है।
- संक्रमण और अन्य बीमारियां: गले का इन्फेक्शन, साइनस, टॉन्सिलिटिस, एलर्जी, क्रॉनिक एसिड रिफ्लक्स या गर्भावस्था के दौरान मतली के कारण भी ऐसा हो सकता है।
- कुछ खास कारण: कीड़े या सांप का काटना, कुछ विशेष दवाइयों का सेवन, सूजे हुए एडेनोइड्स या कीटनाशक के संपर्क में आना।
रात को सोते समय ही क्यों टपकती है लार?
इसका सीधा संबंध आपके सोने के तरीके से है। जब आप पीठ के बल सीधे सोते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण लार मुंह में ही रुक जाती है। हालांकि, अगर आप करवट लेकर या पेट के बल सोते हैं, तो लार आसानी से बाहर बहने लगती है। अगर आप हमेशा से करवट लेकर सोते आए हैं और यह समस्या हाल ही में शुरू हुई है, तो यह एलर्जी या एसिड रिफ्लक्स का इशारा हो सकता है।
क्या हैं इसे नजरअंदाज करने के नुकसान?
लंबे समय तक इस परेशानी को अनदेखा करना ठीक नहीं है। अत्यधिक लार से मुंह के कोनों की त्वचा फट सकती है और वहां दर्दनाक घाव बन सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब यह एक्स्ट्रा थूक सांस की नली से फेफड़ों में चला जाए, क्योंकि इससे निमोनिया होने का डर रहता है।
क्या हैं इससे छुटकारा पाने के उपाय?
- घरेलू तरीके: दांत निकलने से परेशान बच्चों को चबाने के लिए ठंडी चीजें दे सकते हैं। बड़े लोग अपनी डाइट में खट्टे और मीठे खाने को कम कर सकते हैं।
- दवाइयां और इंजेक्शन: थूक कम करने वाली दवाइयां या लार ग्रंथियों में बोटॉक्स इंजेक्शन काफी मददगार साबित होते हैं।
- थेरेपी: ओरल मसल्स को मजबूत बनाने के लिए मोटर थेरेपी या निगलते समय होंठों को सही से बंद करने के लिए ओरल एप्लायंस थेरेपी दी जाती है।
- सर्जरी और रेडिएशन: अगर कोई तरीका काम न आए, तो डॉक्टर सर्जरी के जरिए लार ग्रंथियों को क्लिप करने या नलियों की दिशा मोड़ने की सलाह दे सकते हैं। बहुत गंभीर मामलों में आखिरी विकल्प के रूप में रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल भी किया जाता है।
अगर लार टपकने की वजह से आपको लोगों के सामने शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है या यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
Source: Cleveland Clinic
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