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आंखों में जलन या स्किन पर खुजली? होली पर केमिकल वाले रंगों से बचने के लिए अपनाएं डॉक्टर के बताए टिप्स

Published: Mon, 02 Mar 2026 09:26 AM (IST)

आर्टिफिशियल रंगों से आंखों, कान, त्वचा और बालों को हो सकते हैं गंभीर नुकसान।

आर्टिफिशियल रंगों से पहुंच सकता है त्वचा और आंखों को नुकसान (AI Generated Image)

आर्टिफिशियल रंगों से पहुंच सकता है त्वचा और आंखों को नुकसान (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। खुशियों से भरे त्योहार पर केमिकल रंगों का हुड़दंग कहीं आपके चेहरे को लाल न कर दें। यही नहीं, रंगों के साथ मस्ती के दौरान आपकी छोटी-सी लापरवाही पार्टनर की हंसती खेलती जिंदगी में भंग न डाल दे। 

वर्षों से होली के दिन केमिकल रंगों की मस्ती तमाम लोगों को इतनी भारी पड़ी कि उनमें स्किन इन्फेक्शन, आंखों में जलन, जीभ पर छाले और अन्य गंभीर बीमारियों ने अपनी चपेट में ले लिया। आइए जानें इस बारे में दैनिक जागरण के वरिष्ठ संवाददाता सुमित शिशोदिया व जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दूबे के बीच बातचीत के अंश।

मौसम बदलने पर लोगों को तेज धूप से त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब: धूप में लंबा समय बिताने से त्वचा को काफी नुकसान होता है, जिसे फोटोएजिंग कहते हैं सूर्य की अल्ट्रा वाइलेट किरणों से महीन और चेहरे पर मोटी झुर्रियां पड़ जाती हैं, जहां तहां पिगमेंट बढ़ जाते हैं। धूप में त्वचा सनबर्न का शिकार हो जाती है। और स्किन कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि, इनमें से तीन बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, मेलेनोमा सबसे आम हैं। बचाव के लिए लंबे समय तक धूप में बिल्कुल न रहें। पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें।

Artificial Colours Side Effects

(AI Generated Image)

होली के दिन रंग से खेलने पर शरीर में खुजली और लाल चकत्ते हो जाते हैं, क्या और भी समस्या हो सकती है?

जवाब: होली भले ही रंगों से खेलने के लिए पर्व है, लेकिन तेज धूप में केमिकल वाले रंगों से त्योहार न मनाए। करना केमिकल रंग लगने से शरीर पर लाल चकत्ते, खुजली, छोटे- छोटे दाने और अन्य परेशानी हो सकती है। शरीर पर लेंटिजिनीज होने से रंग पीला पड़ जाता है और त्वचा की सतह चमड़े जैसी खुरदरी हो जाती है।

कई लोग होली के दिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ग्रीस भी लगा देते हैं। क्या बालों में ग्रीस लगने से दिक्कत भी हो सकती है? 

जवाब: होली के दिन ग्रीस या वारनेस जैसी चीजें बालों के छिद्रों को बंद कर देते हैं। त्वचा में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। बालों की ग्रोथ भी रूकने का खतरा रहता है। देखने में आता है कि केमिकल लगाने से आता है कि केमिकल लगाने से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और इनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है, जो व्यक्ति की सुंदरता को और खराब करता है। बचाव के लिए बालों में नारियल का तेल लगा लें। साथ ही सिर को टोपी या किसी कपड़े से कवर कर रखें।

आंखों पर रंग लगाने से लालीपन, खुजली और अन्य समस्या होने लगती हैं। क्या तुरंत राहत के लिए कोई दवा भी डाल सकते हैं?

जवाब: आंखों में केमिकल कलर और ग्रीस लगाने से जलन, लालीपन व खुजली हो जाती है। कई बार आंखों से ज्यादा दबाव देकर रंग लगाने से दर्द भी हो जाता है। होली पर रंग लगाने से पहले चश्मा लगा लें। कुछ समय बाद आंखों को पानी से साफ करते रहिए। तुरंत राहत के लिए आई लुब्रिकेंट या टियर ड्राप की दो-दो बूंद दिन में तीन - चार बार डालें। आंखों में कोई भी दिक्कत होने पर सबसे पहले डाक्टर से परामर्श जरूर लें।

होली मनाने के बाद जिला अस्पताल के अंदर ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा होता है? 

जवाब: पिछले पांच-छह वर्षों के आंकड़े देखे तो होली पर अधिकांश लोग लापरवाही का शिकार होते हैं। विभिन्न रंग लगाने से शरीर में लोगों को एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है। त्वचा इंफेक्शन होने के बाद मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में परामर्श लेने आते हैं।

होली का सुरक्षित त्योहार मनाने के लिए लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब: यदि आपको केमिकल या पक्के रंगों से खेलने का शौक है तो कोशिश करें कि इस बार पक्के रंग न लगाएं। बचाव के लिए सबसे पहले बाड़ी पर सनस्क्रीन लगाएं। मोइस्चराइजर का उपयोग करें, ताकि त्वचा पर धूप की पैरा बैंगनी किरणें का असर न पड़े। साथ ही सभी का त्योहार सुरक्षित तरीके से मन सके । मोइस्चराइजर का प्रयोग दिन में कम से कम दो-तीन बार करें।