नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus Vaccine: दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वक्त कोरोना वायरस को ख़त्म करने के लिए वैक्सीन जल्द से जल्द विकसित करने की कोशिश में लगे हैं, वहीं, सभी लोगों को इस वैक्सीन का बेसब्री से इंज़ार है। वैक्सीन को साल 2020 ख़त्म होने से पहले तैयार करने की जद्दोजहद में अभी तक 5 रिसर्च ग्रुप्स क्लीनिकल ट्रायल के आखिरी चरण पर पहुंच चुके हैं।  

शुरुआती ट्रायल से कई तरह की अच्छी और बुरी बातें सामने आई हैं। वैसे तो वैक्सीन कैसे काम करेगी इसके बारे में जानने के लिए ज़्यादा डाटा की ज़रूरत पड़ेगी, लेकिन इसके बावजूद एक्सपर्ट्स लोगों को इस बात आगाह किया है कि इसके साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।  

वैक्सीन से कितनी उम्मीदें रखनी चाहिए?

अमेरिका की नॉर्थ कैरोलीना विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स, जो ट्रायल के डाटा को नज़दीक से जांच रहे हैं, उनका कहना है कि अभी तक जितनी वैक्सीन आई हैं, वे वायरस को बेअसर और इम्यून को मज़बूत करने में कारगर साबित हुई हैं। हालांकि, इनके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।

वैक्सीन के बारे में जानकारी

वैज्ञानिक रूप से, वैक्सीन "प्रतिक्रियाजनक" है, यानी जिन प्रतिभागियों को टीका लगाया जाएया है, वे हल्के लक्षण या अल्पकालिक असुविधा का अनुभव कर सकते हैं। अभी जिन लोगों को ट्रायल में वैक्सीन लगाई है, उनमें हल्का दर्द, चक्कर आना, बुख़ार, कमज़ोरी, मांसपेशियों में दर्द, सूजे हुए हाथ और ठंड लगने जैसे लक्षण दिखे हैं। 

ऐसा क्यों हो रहा है?

कोई भी वैक्सीन जब लगाई जाती है, तो उसका उद्देश्य किसी वायरस या संक्रमण के खिलाफ एक निवारक ढाल बनाना होता है। वैक्सीन की संक्रमण को दूर करने की अच्छी संभावना होता है, लेकिन हमारे शरीर के लिए ये नई होती है, इसलिए फौरन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में आ जाती है, जिसकी वजह से ये लक्षण दिखाई देते हैं।

ज़्यादातर वैक्सीन के हल्के साइड-इफेक्ट होते हैं, वहीं कई वैक्सीन बाकियों से ज़्यादा दर्द करती हैं और साइड-इफेक्ट भी गंभीर होते हैं। यही, वजह है कि वैक्सीन के बाज़ार में आने से पहले कई चरण में ट्रायल किए जाते हैं और इसमें काफी समय लगता है।

क्या कोरोना वायरस वैक्सीन के साइड-इफेक्ट भी गंभीर हैं?

शोधकर्ता ये जानने के लिए कि क्या काम करेगा और क्या नहीं, काफी समय से वैक्सीन की खुराक के साथ एक्सपेरीमेंट कर रहे हैं। ऑक्सवर्ड की वैक्सीन शाध में वायरस को बेअसर करने में एक और दो खुराक अभी तक सबसे कारगर साबित हुई है। वहीं, मॉडर्ना के ट्रायल में एक प्रतिभागी को दूसरी डोज़ लगने पर 103 डिग्री बुखार हो गया, जिसका उसे इलाज कराना पड़ा। वहीं CanSino के ट्रायल में लगभग तीन-चौथाई लोगों को वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स महसूस हुए।

Posted By: Ruhee Parvez

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