नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus vaccine Trial: कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में 7 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से 1 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। चीन, इजरायल सहित कई देश कोरोना वायरस का तोड़ को ढूंढने में लगे हैं। लेकिन, अमेरिका को वैक्सीन बनाने में प्राथमिक सफलता मिली गई है। अमेरिकी डॉक्टरों ने इस वैक्सीन का ट्रायल एक साथ चार लोगों पर किया है।

चार मरीजों पर वैक्सीन का परीक्षण 

समाचार एजेंसी एपी के हवाले से बीबीसी ने बताया कि अमेरिका में पहली बार कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए वैक्सीन को मानव पर परीक्षण किया गया है। हालांकि, पहले ऐसा होता रहा है कि जब कभी वैक्सीन की खोज होती थी तो उसका परीक्षण जानवरों पर किया गया था, लेकिन कोरोना वायरस के वैक्सीन को मानव पर परीक्षण किया गया है। समाचार एजेंसी एपी ने इस बात की पुष्टि की है कि वॉशिंगटन के सिएटल की काइज़र परमानेंट रिसर्च फैसिलिटी में कोरोना के चार मरीजों पर ईजाद वैक्सीन का परीक्षण किया गया है, अथवा उनको टीका लगाया गया है।

अमेरिकी महिला निगरानी में

इस वैक्सीन के बारे में ऐसा कहा जाता है कि वैक्सीन से कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि इस वैक्सीन से कितने दिनों में मरीज को आराम मिल जाएगा। आपको बता दें कि अमेरिका के सिएटल में रहने वाली 43 वर्षीय एक महिला जेनिफ़र को पहला वैक्सिन दिया गया है। उसने बताया कि उनके लिए यह बड़ी बात है। इस शोध के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ ने वित्तीय मदद की है। इस बारे में मॉडेर्ना थेरेपटिक्स नाम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी का कहना है कि इसे सभी मापदंडों पर तैयार किया गया है।

ट्रायल पर बारीकी नजर

विशेषज्ञ डॉ. जॉहन ट्रीगोनिंग का कहना है कि हमने जल्दी की है, लेकिन मानवता से बढ़कर कुछ भी नहीं है और हमें इसे हर हाल में रोकना है, जिन लोगों को यह वैक्सीन दी गई है। उन पर हम बहुत ही बारीकी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने mRNA-1273 वैक्सीन को लैब में बनाया है और इसे जेनेटिक कोड के तहत बनाया गया है। अगर हम कामयाब होते हैं तो यह पूरे विश्व के लिए बड़ी खुशखबरी होगी। 

Posted By: Umanath Singh

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