किसी जगह को याद कर भी उसकी तस्वीर नहीं देख पाते? तो हो सकता है अफैंटेशिया का संकेत
अफैंटेशिया में कुछ लोगों के ब्रेन में किसी वस्तु की धुंधली या फिर बिलकुल ही इमेज नहीं बन पाती। यह बीमारी ना होते हुए भी परेशानीभरा अनुभव हो सकता है।

जब दिमाग में न बने किसी चीज की तस्वीर, जानें इसके प्रकार और कारण (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
अफैंटेशिया में मानसिक छवियां नहीं बनतीं
यह जन्मजात या चोट से हो सकता है
दुनिया में 1-4% लोग इससे प्रभावित
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपके सामने कोई सेब का नाम लेता है तो सबसे पहले उसकी एक इमेज दिमाग में बन जाती है, उसका रंग, आकार सब नजर आने लगता है, जबकि वह सामने नहीं होता। लेकिन अफैंटेशिया में लोग ऐसा नहीं कर पाते। यह कोई बीमारी या दिमागी समस्या नहीं। दरअसल यह ब्रेन के काम करने का एक अलग तरीका है। इस आर्टिकल में हम अफैंटेशिया से जुड़े थोड़े और रोचक फैक्ट्स के बारे में जानेंगे।
क्या है अफैंटेशिया?
इसमें ब्रेन सोचने या किसी चीज की कल्पना करते समय मेंटल इमेजेस का इस्तेमाल नहीं करता। यह कोई डिसऑर्डर नहीं है, बल्कि दिमाग के काम करने का तरीका है। जैसे कोई बाएं हाथ से काम करता है तो कोई दाएं हाथ से।
कितने तरह का होता है?
- कंजेनिटल अफैंटेशिया: यह जन्मजात होता है। इसमें कोई कभी भी मेंटल इमेज नहीं बन पाती है।
- एक्वायर्ड अफैंटेशिया: कई बार ब्रेन इंजुरी, ट्रॉमा या फिर किसी बीमारी की वजह से अफैंटेशिया का प्रभाव हो सकता है। इसे ही एक्वायर्ड अफैंटेशिया कहते हैं।
- कम्प्लीट अफैंटेशिया: इसमें किसी भी तरह की मेंटल इमेज नहीं बनती।
- पार्शियल अफैंटेशिया: इस टाइप के अफैंटेशिया में किसी वस्तु की एक धुंधली या टूटी-फूटी इमेज दिमाग में बनती है।
क्या कारण है?
एक्सपर्ट्स अफैंटेशिया होने के सही कारणों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं, लेकिन इन वजहों से अफैंटेशिया का प्रभाव हो सकता है:
- सिर पर तेज चोट लगी हो
- स्ट्रोक
- नशे की लत
मेंटल इमेज ऐसे काम करती है
- जब कोई कहे आंखें बंद करके भेंड़ों की गिनती करो तो भेंड़े नजर आने लगती हैं।
- किताब पढ़ते समय वे घटनाएं दिखने भी लग जाती हैं, जैसे कोई फिल्म चल रही हो।
- समंदर का नाम लेने पर उसकी लहरें और रेत दिखाई देने लगती है।
- कितने लोग हैं इससे प्रभावित
- पूरी दुनिया में 1-4% लोग अफैंटेशिया से प्रभावित हैं, यानी लगभग 32 करोड़ लोगों को मेंटल इमेज बनाने में मुश्किल पेश आती है।
इस टेस्ट से अफैंटेशिया का खुद भी लगा सकते हैं पता
इसका पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स सवालों और जवाबों के एक सेट का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें 16 सवालों को 4 अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। हर सवाल को 1 से 5 के स्केल पर परखा जाता है:
- 5-आपको उस वस्तु की बिलकुल साफ इमेज नजर आती है, जैसे कि वह आपके सामने हो
- 4-आपको वह वस्तु एकदम साफ और स्पष्ट नजर आती है
- 3-आप हल्का-फुलका और थोड़े स्पष्ट रूप में उस वस्तु को देख पाते हैं
- 2-आपको वह वस्तु धुंधली या फैली हुई नजर आती है
- 1-आप उस चीज के बारे में सोच रहे हैं लेकिन आपको कुछ भी नजर नहीं आता, जैसे खाली स्लेट
