नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus From Lift?: जो लोग ऊंची इमारतों में रहते हैं, उनके लिए कोरोना वायरस महामारी के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल करना ख़तरे से खाली नहीं है। अगर हम लिफ्ट में अकेले भी चढ़ें, तब भी हम से पहले लिफ्ट में गए लोग कीटाणू छोड़ सकते हैं। 

वर्जीनिया टेक के ऐरोसोल वैज्ञानिक लिंसे मार का कहना है कि लिफ्ट का इस्तेमाल करने में ख़तरा है। ज़्यादातर लिफ्ट छोटी होती हैं, जिसमें लोग एक-दूसरे से 6 फीट दूर नहीं खड़े हो सकते। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति बाकी लोगों में कोरोना वायरस फैला सकता है। खासकर, अगर वह लिफ्ट के अंदर बिना मास्क के खांसे, छीकें, बात करें, यहां तक कि जॉगिंग करने के बाद गहरी सांसे ले। 

लिफ्ट में कैसे है ख़तरा?

लिफ्ट में चाहे आप अकेले हों, लेकिन इसके बावजूद आपको कई तरह से संक्रमण लग सकता है। हालांकि, इसकी संभावना काफी कम है, लेकिन फिर भी है। लिफ्ट के बटन, साइड रेल्स को छूने के बाद अगर आप उन्हीं हाथों से चेहरे को भी छू लेते हैं, तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा बढ़ जाता है।   

लिफ्ट में मौजूद हवा?

कोरोना वायरस के मरीज़ के लिफ्ट के इस्तेमाल के बाद आप भी उसी लिफ्ट में जाते हैं, तो क्या हवा में मौजूद वायरस आपको भी बीमार कर सकता है? पोर्टलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी के इंडोर एयर क्वालिटी के एक्सपर्ट रिचर्ड एल. कोरसी ने एक मॉडल के ज़रिए ये समझने की कोशिश की कि लिफ्ट कितनी सुरक्षित है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

संक्रमित बीमारी के कई एक्सपर्ट्स नहीं मानते कि हवा में मौजूद कण खाली लिफ्ट में किसी तरह का खतरा पैदा कर सकते हैं, खासकर कोरोना वायरस के मामले में। रिसर्च में पाया गया है कि अगर कोरोना वायरस का कोई मरीज़ घर पर बाकी लोगों के आसपास रहता है तब भी बाकी लोगों का संक्रमित होने का खतरा सिर्फ 10-20 प्रतिशत ही होता है। जो कि हवा से होने वाली बीमारियों जैसे खसरा, जिसका ख़तरा ऐसे में 75-90 प्रतिशत होता है। 

ऐसा मुमकिन है कि कोरोना वायरस की संक्रमित बूंदें लिफ्ट की हवा में कुछ देर तक मौजूद रहें, लेकिन असल में ये बीमारी तब फैलती है जब इससे संक्रमित कोई इंसान आपके बेहद करीब खांसे या छीकें।

Posted By: Ruhee Parvez

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