नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus Positive: जब से कोरोना वायरस महामारी फैलनी शुरू हुई है, इसके साथ दुनियाभर में कई तरह के मिथक और ग़लत बातें भी तेज़ी से फैल रही हैं। वायरस के ख़तरनाक और जानलेवा प्रभाव को देखते हुए, लोगों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। हालांकि, इसके बावजूद लोग फ्लू और कोरोना वायरस के लक्षणों में फर्क करने में उलझे हुए हैं।  

तेज़ी से फैल रहा है ये मिथक

कोविड टेस्ट लोगों में वायरस का पता लगाने के सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक बन गया है। हालांकि, हाल ही में, कई लोग टेस्ट करवाने से परहेज़ करने लगे हैं। उनका मानना है कि अगर वे सर्दी या फ्लू से पीड़ित हैं या उन्होंने फ्लू शॉट लगवाया है, तो वे निश्चित रूप से कोरोना टेस्ट में पॉज़ीटिव आएंगे। 

कई लोगों ने सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाया कि कोरोना वायरस टेस्ट अप्रभावी होने के साथ ग़लत परिणाम भी आते हैं किसी को इन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए।

ज़ुकाम और कोविड-19 टेस्ट में क्या है रिश्ता

जब ज़ुकाम और पॉज़ीटिव कोविड-19 टेस्ट के बीच के संबंध को समझने की बात आती है, तो सबकुछ एंटीबॉडी टेस्ट के नतीजे पर निर्भर करता है। इस टेस्ट के लिए खून का नमूना लिया जाता है और वायरस से लड़ने के लिए श्वेत रक्त कोशिकाओं द्वारा उत्पादित रोग-विशिष्ट प्रोटीन का पता लगाते हैं और पता लगाते हैं कि क्या किसी व्यक्ति को संक्रमण हुआ था या नहीं। हालांकि, उन्हें नैदानिक ​​परीक्षण से कंफ्यूज़ नहीं होना चाहिए।

CDC की रिपोर्ट्स के अनुसार, "एक पॉज़ीटिव टेस्ट परिणाम से पता चलता है कि आपके शरीर में एंटीबॉडी हैं, जिसका मतलब ये है कि आप कोविड-19 वायरस से संक्रमित हुए थे। हालांकि, पॉज़ीटिव टेस्ट का एक मतलब यह भी हो सकता है कि आप कोरोना वायरस परिवार के किसी दूसरे वायरस से संक्रमित हुए हों। 

फ्लू, फ्लू वैक्सीन और कोविड-19 टेस्ट 

फ्लू और कोविड-19 संक्रमण के जो वायरस ज़िम्मेदार होते हैं, वे दो अलग वायरस हैं। फ्लू के पीछे इंफ्लूएंज़ा वायरस वजह है, न ही कोरोना वायरस। इसलिए फ्लू होने पर या फ्लू की वैक्सीन लगवाने पर कोविड-19 टेस्ट का परिणाम पॉज़ीटिव नहीं आ सकता।  

कोरोना वायरस टेस्ट और एंटीबॉडी टेस्ट

एक शोध के मुताबिक ज़ुकाम, फ्लू या फ्लू वैक्सीन लगवाने पर कोरोना वायरस टेस्ट पॉज़ीटिव आएगा, ये बात बिल्कुल ग़लत है। कोविड-19 टेस्ट का टार्गेट एक खास तरह का जेनेटिक मटीरियल या प्रोटीन पर होता है। इसलिए, ऐसी संभावना है ही नहीं कि अन्य संक्रमण, रोग या वैक्सीन किसी भी तरह कोरोना वायरस टेस्ट को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, आम ज़ुकाम होने पर एंटीबॉडी टेस्ट का परिणाम पॉज़ीटिव ज़रूर आ सकता है, लेकिन इस टेस्ट के ज़रिए कोविड-19 को डायग्नोज़ नहीं किया जाता। 

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

 

Edited By: Ruhee Parvez