नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Bloating Ayurvedic Tips: पेट फूलने की समस्या ऐसी है, जिससे शायद ही कोई न गुज़रा हो। आजकल की बिज़ी लाइफस्टाइल में लोग सही समय पर और सही आहार न लेने की वजह से कई तरह की पेट से संबंधित दिक्कतों से जूझते हैं। कई ऐसे फूड्स भी हैं, जो पाचन में खलल डालते हैं, जिससे पेट फूलना, एसिडिटी, गैस आदि होने लगता है। अगर आप अक्सर ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या से गुज़रते हैं, तो नीचे बताए गए आयुर्वेदिक उपाय आपके काम आ सकते हैं।

अपने शरीर को समझना है ज़रूरी

आयुर्वेद के अनुसार, हर किसी के पास प्रकृति की तीन ऊर्जावान शक्तियां होती हैं, पित्त, वात और कफ। इन्हें दोष भी कहा जाता है, पित्त पाचन की ऊर्जा है, वात गति की ऊर्जा है, और कफ स्नेहन की ऊर्जा है। जब इन तीन दोषों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो इससे हमारी सेहत को नुकसान पहुंचने लगता है। हर दोष का इलाज अगल, इसलिए पहले अपने दोष को समझना ज़रूरी है।

हमेशा ताज़ा खाना ही खाएं

खाना हमारे जीवन के लिए ज़रूरी है, इसलिए आहार ऐसा लें जो ताज़ा और पोषण से भरा हो। प्रोसेस्ड खाना न तो ताज़ा होता है और न ही उसमें पोषण होता है। इसे खाने से आपका दिल ज़रूर खुश हो जाता है, लेकिन यह पेट को खुश नहीं करता। इसके अलावा पुराना और बासी खाना भी खराब माना जाता है, इससे पेट से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं।

साफ और हेल्दी आंत के लिए औषधियां हैं ज़रूरी

इसबगोल जैसी औषधि आंत से सेहत को बनाए रखने और ठीक करने के काम आती है। आप खाने में हल्दी, जीरा और कच्चे शहद जैसी चीज़ें भी शामिल कर सकते हैं, जो आंत को फायदा पहुंचाती हैं। पाचन को बेहतर बनाने के लिए ठंडा सलाद न खाएं।

दिमाग और शरीर को ब्रेक दें

चिंता और परेशानी हम सभी की ज़िंदगी का हिस्सा होते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने शरीर को कुछ आराम दें, ताकि चिंता और परेशानी दूर हो सके। भागदौड़ से ब्रेक लें और घर का बना ताज़ा और हेल्दी खाना खाएं। आप शायद ही जानते हों कि आंत आपके शरीर का इकलौता हिस्सा है, तो खुद को ठीक करने की क्षमता रखता है। इसलिए अपने शरीर पर ध्यान दें और उसकी सुनें।

थोड़ा वज़न घटाएं

एक्सरसाइज़ करने से इम्यूनिटी को बढ़ावा मिलता है, जिससे शरीर की सहनशक्ति और बीमारी प्रतिरोध को मज़बूती मिलती है। पसीना बहाने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और ब्लड सर्क्यूलेशन बढ़ता है। रोज़ाना एक्सरसाइज़ करने से एंडॉर्फिन रिलीज़ होता है, जो बेचैनी को कम करता है और शरीर को बेहतर बनाता है। हेल्दी आंत के लिए ज़रूरी है कि आप रोज़ाना 45 से 60 मिनट का वर्कआउट ज़रूर करें। जिसमें दौड़ लगाने से लेकर योग तक कर सकते हैं।

Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik

Edited By: Ruhee Parvez

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