नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। तेजी से बदलती जीवनशैली, तनाव, डिप्रेशन और चिंता ने तमाम बीमारियों को जन्म दिया है और उन्ही में से एक गंभीर बीमारी है डायबिटीज (Diabetes) है। यह एक ऐसी बीमारी है, जो आजकल किसी भी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना लेती है। आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले भारत में ही है। भारत की लगभग 5 फीसदी आबादी डायबिटीज से पीड़ित है। जिन लोगों में डायबिटीज होने की अधिक संभावना होती है, उनमें पहले से ही कई लक्षण सामने आने लगते हैं, लेकिन जानकारी नहीं होने की वजह से लोग डायबिटीज के लक्षणों को पहचान नहीं पाते और समय पर इलाज नहीं होने की वजह से डायबिटीज की गिरफ्त में आ जाते हैं। आप भी अगर अपने स्वास्थ्य में बदलाव देख रहे हैं तो डायबिटीज के लक्षणों को पहचानें।

बार-बार भूख लगना- अगर आपको भी बार-बार खाने के बाद भी भूख और प्यास लगती है तो आप शुगर टेस्ट कराएं। डायबिटीज के मरीजों को बार-बार भूख लगती है।

त्वचा पर झुर्रियां दिखना- शुगर के मरीजों की स्किन पर भी शुगर का असर दिखने लगता है। शुगर कोलेजन और इलास्टिन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है, जो हमारी त्वचा को रूखा और झुर्रियों से भर देती है। इस दौरान त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है, इसके कारण रक्त त्वचा तक ठीक से सप्लाई नहीं हो पाती। आप भी अपनी स्किन के अंदर इस तरह के बदलाव देख रहे हैं तो जल्दी डॉक्टर से संपर्क करें।

वजन कम होना- शुगर आपके शरीर की वसा को स्टोर करने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। इससे आपके शरीर का वजन लगातार कम होना शुरू हो जाता है। आप भी इस तरह का बदलाव अपने में देख रहे हैं तो फौरन अपना शुगर टेस्ट कराएं।

शरीर में सूजन- डायबिटीज के मरीजों के पैरों में सूजन की समस्या आम है। मधुमेह की बीमारी से किडनी को भी काफी नुकसान होता है। इसके फलस्वरूप यह वेस्ट पदार्थों को बाहर नहीं निकाल पाता। ऐसे में भी शरीर के विभिन्न अंगों में भी सूजन होने लगती है। आप भी अगर इस तरह के लक्षण अपने में देख रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें।

डायबिटीज के मरीजों की आंख और पेट में दिक्कतें- डायबिटीज से पेट की समस्या बढ़ सकती है। इससे पाचन तंत्र खराब हो सकता है, साथ ही साथ गैस की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। अगर आपको हल्का धुंधला दिखने लगे तो फौरन आपको अपना शुगर लेवल जांचने की जरूरत है, क्योंकि यह लक्षण मधुमेह के हो सकते हैं। इस दौरान रेटिना के पीछे क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं के कारण आंखों की रौशनी पर काफी प्रभाव पड़ता है। 

                       Written By Shahina Noor

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