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एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने करवाई एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी, क्या है ये बीमारी जिससे जूझ रही हैं करोड़ों महिलाएं

Published: Mon, 06 Jul 2026 10:59 AM (IST)

टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी करवाई, जिसके बाद उन्होंने इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने की बात कही।

पीरियड्स का तेज दर्द हो सकता है एंडोमेट्रियोसिस का संकेत (Picture Courtesy: Freepik)

पीरियड्स का तेज दर्द हो सकता है एंडोमेट्रियोसिस का संकेत (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फैंस को अपनी एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि साल 2021 में एंडोमेट्रियोसिस डायग्नोस हुआ था, लेकिन उसे मैनेज करने की पूरी कोशिश के बावजूद वह काफी बढ़ गया, जिसके लिए उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी। 

इस बारे में और बताते हुए सुमोना ने लिखा कि वे एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं से जुड़ी एक कम्युनिटी बनाना चाहती हैं, ताकि दूसरी महिलाओं को मदद मिल सके और इस बारे में जागरूकता बढ़े। ऐसी कम्युनिटीज का होना काफी जरूरी है, क्योंकि आज भी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं के बारे में खुलकर बात नहीं की जाती। एंडोमेट्रियोसिस भी इन्हीं परेशानियों में से एक है। 

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के डेटा के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 19 करोड़ महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस से जूझ रही हैं। सही जानकारी की कमी के कारण महिलाएं इसे पीरियड्स का मामूली दर्द समझकर नजरअंदाज कर देती हैं और ये समस्या अंदर ही अंदर बढ़ती जाती है। इसलिए एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी कुछ जरूरी बातें हर महिला को पता होनी चाहिए, ताकि सही समय पर इसका पता लगाया जा सके। 

एंडोमेट्रियोसिस क्या होता है?

हर महीने यूटेरस के अंदर एक लाइनिंग बनती है, जिसे एंडोमेट्रियम कहा जाता है। जब प्रेग्नेंसी नहीं होती, तो पीरियड्स के दौरान ये लाइनिंग टूटकर बाहर निकलती है। एंडोमेट्रियोसिस में ये टिश्यू यूटेरस के बाहर फैलने लगते हैं। आमतौर पर ओवरी, फैलोपियन ट्यूब और पेल्विस की अंदरूनी परत पर फैल जाते हैं। 

यूटेरस के बाहर फैले इन टिश्यूज के कारण सूजन, स्कार टिश्यूज और तेज दर्द की समस्या होने लगती है। कुछ महिलाओं में ये टिश्यू पेल्विस रीजन के अलावा, एब्डोमेन और सीने में भी फैल सकते हैं। एंडोमेट्रियोसिस सिर्फ मेंस्ट्रुअल साइकिल को प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह महिलाओं की रोजमर्री की जिंदगी और फर्टिलिटी पर भी असर डालता है। 

एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण कैसे होते हैं?

  • पीरियड्स के दौरान या उससे कुछ दिन पहले पेट के निचले हिस्से में बहुत तेज दर्द होना। कई बार ये दर्द पीरियड्स के बाद भी ठीक नहीं होता। 
  • फिजिकल रिलेशन बनाते समय या उसके बाद तेज दर्द होना। 
  • पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होना या दो पीरियड्स के बीच में भी ब्लीडिंग होना।  
  • एंडोमेट्रियोसिस के कारण फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने जैसी समस्या भी हो सकती है, जिसके कारण इनफर्टिलिटी या कंसीव करने में मुश्किल आ सकती है। 
endometriosis symptoms

एंडोमेट्रियोसिस का इलाज क्या है? 

अभी तक एंडोमेट्रियोसिस का कोई इलाज नहीं है। हालांकि, इसकी पहचान करके इसके लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए दवाओं और सर्जरी जैसे ऑप्शन की मदद ले सकते हैं। 

  • पेन किलर- दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं देते हैं।
  • हार्मोन थेरेपी- गर्भनिरोधक गोलियां, पैच या प्रोजेस्टिन थेरेपी की मदद से पीरियड्स को हल्का या बंद किया जाता है, जिससे टिश्यूज की ग्रोथ रुक जाती है और दर्द में आराम मिलता है।
  • लेप्रोस्कोपी- अगर दवाइयां काम नहीं करतीं या महिला कंसीव करना चाहती है, तो डॉक्टर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए यूटेरस के बाहर फैले टिश्यूज को सर्जरी से निकाल देते हैं।
  • हिस्टेरेक्टॉमी- बहुत गंभीर मामलों में, जब कोई अन्य इलाज काम नहीं करता और महिला का परिवार पूरा हो चुका हो, तब यूटेरस या ओवरीज को सर्जरी से बाहर निकाल दिया जाता है।
  • लाइफस्टाइल में बदलाव- नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल बैलेंस रहता है। इसके अलावा, एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट सूजन और दर्द से राहत दिलवाती है।


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