हम भारतीय तो अपने खान-पान में स्वाद पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। भोजन में मीठे के प्रति हमारा आकर्षण किसी से छिपा नहीं और भारतीयों को मीठे के प्रति कुछ खास ही लगाव होता है। एक शोध के अनुसार साल 1986 की अपेक्षा आज हम 20% ज्यादा चीनी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सदियों से चलन रहा है कि बिना मिठाई का खाना अधूरा सा लगता है। हमारा अवचेतन मन ऐसे स्वाद की कल्पना ही नहीं कर पाता जो बिना घी, तेल, मक्खन आदि से बने खाद्य पदार्थो से मिला हो। फिर सेहत के नाम पर इनको छोड़ना भी तो ठीक नहीं। इनकी वजह से डायबिटीज, हृदय रोग जैसी कई समस्याएं घर कर लेती हैं। बढ़ता कोलेस्ट्रोल हृदय में जम जाता है और बल्ड सर्कुलेशन में बाधा पैदा करता है। तो कोलेस्ट्रोल को अपने शरीर में कम करने के लिए इन आसान उपायों को अपनाएं।

आसान है उपाय

इसका एक ऐसा उपाय है जिससे न तो आपके स्वाद में कमी आएगी और न ही कोलेस्ट्रोल या वसा आपके शरीर में आक्रमण कर पाएगा। इसलिए खाना बनाने के इन तरीकों को अपनाकर देखें।

1. भूनना: भूनना और बेक करना लगभग एक समान है। यह काम 120 डिग्री सेल्सियस - 260 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच होता है। साधारणतया, पापड़ को भूना जाता है जबकि ब्रेड, केक तथा बिस्किट पकाए जाते हैं। भोजन को थोड़ी तेज आंच पर या थोड़ी धीमी आंच पर पकाया जाता है। अगर भोजन अधिक नमीदार है तो पकाने के लिए भोजन का तापक्रम शुरू में नमीयुक्त होना चाहिए जिससे ठंडी चीज़ें अनुकूल तापमान पर लाए जा सकें। कनवेक्शन तरंगे ओवन के तापमान को एक समान रखती हैं। इस प्रक्रिया का यह लाभ है कि इसमें तेल बिल्कुल भी प्रयोग में नहीं लाया जाता तथा भोजन स्वाद से भरपूर पकता है।

2. उबालना: उबालने का मतलब है पानी में पकाना। इससे पानी में ताप परिवर्तित होता है। इस प्रक्रिया में पानी बर्तन के किनारों से ताप लेता है, जिस बर्तन में पकाया जा रहा है, जब तापमान बहुत तेज हो जाता है तो भोजन उबलने लगता है। पानी ताप का कुचालक होता है इसलिए अन्य तरल पदार्थो की अपेक्षा इसे अधिक तापमान की आवश्यकता होती है। पानी के उबलने का तापमान 100 डिग्री सेल्सियस होता है तथा अधिक तापमान पर इसका स्वरूप बदला जाता है।

3. भाप द्वारा पकाना- भोजन पकाने का एक माध्यम भाप भी है। यह बिना पानी के कुकिंग तथा प्रेशर कुकिंग है। इस विधि द्वारा पकाने में नमीदार तापमान की आवश्यकता होती है। भोजन थोड़े पानी में भाप द्वारा पकाया जाता है तथा पानी रहित कुकिंग में खाद्य पदार्थ में उपलब्ध पानी को ही भाप के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें प्रेशर कुकर काम का साबित होता है। जिसके द्वारा कम समय में भोजन तैयार किया जाता है तथा प्रेशर बढ़ने से उबलने के लिए तापक्रम बिंदु में अपने आप बढ़ोत्तरी होती है। भाप द्वारा भोजन पकाने में, खाद्य पदार्थ कुकर में निर्मित भाप में पक जाता है। भाप में खाद्य पदार्थ पकने की प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक कि पदार्थ का तापमान भी भाप के तापमान तक न पहुंच जाए।

डॉ. बिमल छाजेड़ ( संस्थापक और निदेशक, साओल हार्ट सेंटर, नई दिल्ली) 

Posted By: Priyanka Singh

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