पेट की सेहत के लिए वरदान है कांजी, चावल और दही से घर पर बनाना है बेहद आसान; नोट करें रेसिपी
आजकल खराब खानपान के कारण गट हेल्थ प्रभावित हो रही है। ऐसे में चावल और दही से बनी कांजी अमृत समान मानी जाती है।

चावल और दही से कांजी बनाने की विधि (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल में गट हेल्थ का बिगड़ना आम समस्या बन चुका है। गैस, एसिडिटी, कब्ज, अपच और कमजोर इम्युनिटी अक्सर खराब पाचन से जुड़ी होती हैं। ऐसे में पारंपरिक भारतीय फर्मेंटेड पेय कांजी को गट के लिए अमृत समान माना जाता है। आमतौर पर इसे काली गाजर और सरसों से बनाया जाता है, लेकिन आप इसे घर पर बेहद आसान तरीके से चावल और दही से भी तैयार कर सकते हैं।
चावल और दही से कांजी बनाने की विधि
ये नेचुरल प्रोबायोटिक ड्रिंक आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाकर पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और शरीर को अंदर से संतुलित रखती है।
इंग्रीडिएंट्स
1 कप उबले हुए सादे चावल
2 कप हल्का खट्टा दही
4–5 कप गुनगुना उबला हुआ पानी
1 छोटा चम्मच सेंधा नमक या काला नमक
1छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
चुटकी भर काली मिर्च पाउडर
बनाने का तरीका
सबसे पहले उबले हुए चावल को हल्का सा मैश कर लें जिससे वे पानी में अच्छे से घुल जाएं।
अब इसमें दही मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। इसके बाद गुनगुना पानी डालकर पतला मिश्रण तैयार करें।
इसमें नमक, भुना जीरा और काली मिर्च मिलाएं।
इस मिश्रण को कांच या मिट्टी के बर्तन में भरकर ढक दें।
अब इसे 24–36 घंटे के लिए हल्की धूप या किसी गर्म स्थान पर रख दें जिससे इसमें नेचुरली फर्मेंटेशन हो सके।
जब इसमें हल्की खटास, सुगंध और छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई दें, तो समझिए आपकी कांजी तैयार है।
इसे छानकर फ्रिज में रखें और 2–3 दिन तक उपयोग करें।
गट हेल्थ के लिए इसके फायदे
प्राकृतिक प्रोबायोटिक: दही में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया फर्मेंटेशन के दौरान बढ़ते हैं, जो आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित रखते हैं।
पाचन में सुधार: यह गैस, कब्ज और अपच जैसी प्रॉब्लम्स को कम करने में मदद करती है।
इम्युनिटी को मजबूत करे: अच्छी गट हेल्थ सीधे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी होती है। इसका नियमित सेवन शरीर को इन्फेक्शन से बचाने में सहायक है।
डिटॉक्स में मददगार: फर्मेंटेड ड्रिंक शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सपोर्ट करती है।
मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाए : यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखकर वजन नियंत्रण में भी सहायक होती है।
सेवन का सही तरीका
सुबह खाली पेट आधा से एक गिलास लें।
बहुत अधिक खट्टा हो जाए तो सेवन न करें।
लैक्टोज इनटॉलरेंस या गंभीर पेट रोग में पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
बच्चों को कम मात्रा में दें।
