नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। फटी एड़ियों की परेशानी ज्यादातर लोगों को सर्दी में होती है, लेकिन कुछ लोग इस परेशानी से 12 महीने परेशान रहते हैं। आमतौर पर एड़ियां फटने का कारण गंदगी और खराब स्किन केयर रूटीन है, जिसकी वजह से एड़ियां फटती हैं। कुछ लोगों की स्किन बहुत ड्राई होती है जिसकी वजह से भी क्रेक हील्स की समस्या बनी रहती है। कुछ लोग पूरे साल फटी एड़ियों से परेशान रहते हैं, इस परेशानी से निजात पाने के लिए पैरों में शूज पहनते हैं, हील्स क्रीम भी लगाते हैं, लेकिन इस समस्या से निजात नहीं मिलती। आइए जानते हैं कि पूरे साल एड़िया फटने का कारण क्या है और उससे किस तरह निजात पाई जा सकती है।

एड़िया फटने का कारण:

अगर पूरे साल आपकी एड़ियां फटी रहती हैं तो इसके पीछे का कारण विटामिन्स की कमी और हार्मोनल डिसबैलेंस हो सकता है। आपके शरीर में कुछ विटामिन की कमी हो सकती है जिससे पूरे साल आपको फटी एड़ियों की परेशानी बनी रह सकती है।

खास विटामिन जिनकी वजह से फटती हैं एड़िया:

डॉक्टर्स के मुताबिक जब हमारी त्वचा सूख जाती है और नमी की कमी हो जाती है तो स्किन खुरदरी और परतदार बन जाती है। फिशर जो गहरी दरारें पैदा कर सकता है वो स्किन की गहरी परतों में फैल सकती है, इसके पीछे शरीर में कुछ विटामिन की कमी भी हो सकती है। 

1. विटामिन बी-3

2.  विटामिन ई

3. विटामिन सी

एड़ियां हार्मोन्स का डिसबैलेंस होने पर भी फटती हैं।अगर शरीर में विटामिन सी और विटामिन बी3 की कमी है तो त्वचा फटने लगती है। वहीं विटामिन ई की कमी से स्किन में दरारें पड़ सकती हैं। अच्छी त्वचा के लिए ये विटामिन बहुत जरूरी हैं। इनसे कोलेजन का उत्पादन बढ़ाता है और स्किन को प्रोटेक्शन मिलती है। कई बार स्किन में ड्राईनेस खनिज, जिंक और ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी की वजह से भी हो सकती है। 

  • कैसे करें फटी एड़ियों का इलाज

  • एड़ियां फटती हैं तो सबसे पहले उन्हें रोज़ साफ करने की आदत डालें। स्क्रबर से रगड़ कर साफ करने से एड़ियों की गंदगी निकल जाएगी।
  • हील्स को मॉइस्चराइज़ करने के लिए हील्स क्रीम लगाएं और उसपर सिलिकॉन शूज़ पहने आपको फटी एड़ियों से राहत मिलेगी।
  • पैरों को 20 मिनट के लिए गुनगुने पानी में भिगो दें, इसके बाद प्यूमिक स्टोन से एड़ियों को साफ कर लें। 
  • खाने में जिंक का सेवन करें इससे स्वस्थ त्वचा के रखरखाव में मदद मिलती है। 
  • विटामिन ई कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली प्रक्रियाओं को धीमा करने में मदद करता है, इसलिए खाने में नट्स और सीड्स का उपयोग करें।
  • ड्राईनेस को कम करने के लिए विटामिन सी का सेवन करें। इसके एस्कॉर्बिक एसिड ट्रांस-एपिडर्मल पानी के नुकसान पर असर डालता है। खाने में खट्टे फल जरूर खाएं। 

                    Written By: Shahina Noor

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