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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऐसे हालातों में कैसे होगी वनों की आग से सुरक्षा

By JagranEdited By:
Published: Sat, 12 Mar 2022 05:16 PM (IST)

वन विभाग वनों की रक्षा के लिए विभिन्न पदों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में वर्तमान में वन ...और पढ़ें

ऐसे हालातों में कैसे होगी वनों की आग से सुरक्षा
ऐसे हालातों में कैसे होगी वनों की आग से सुरक्षा

डीके जोशी, अल्मोड़ा

वन विभाग वनों की रक्षा के लिए विभिन्न पदों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में वर्तमान में वन क्षेत्राधिकारियों, वन रक्षकों, उपराजिक व वनदरोगाओं की भारी कमी बनी हुई है। यूं तो अल्मोड़ा वन प्रभाग व सिविल सोयम वन प्रभाग ने वनाग्नि नियंत्रण को क्रू स्टेशन समेत तमाम तैयारियां की हैं। ग्राम पंचायतों में वनाग्नि सुरक्षा समितियों का भी गठन किया गया है। दोनों वन प्रभागों में 4 वन क्षेत्राधिकारियों तथा 74 वन क्षेत्राधिकारियों की कमी बनी हुई है। ऐसे में वनों की आग से सुरक्षा कैसे हो पाएगी, यह बड़ा सवाल है।

वन विभाग 15 फरवरी से फायर सीजन की शुरुआत मानता है। हर साल फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं से लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचता है। वहीं अमूल्य जड़ी-बूटियों के पौधों को भी नुकसान पहुंचता है। दुर्लभ वन्य जीवों को भी क्षति पहुंचती है। वहीं इस बार मार्च के पहले पखवाड़े से ही वनों में आग लगने का क्रम शुरू हो गया है। अब तक इस फायर सीजन का पहला मामला अल्मोड़ा रेंज के हवालबाग क्षेत्र से आया है। जिसमें करीब एक हेक्टेयर जंगल वनाग्नि से खाक हो गया। यूं तो वन विभाग ने वनाग्नि सुरक्षा के लिए अल्मोड़ा व सिविल सोयम वन प्रभागों में 75 क्रू स्टेशनों की स्थापना की गई हैं। वहीं 1155 ग्राम पंचायतों में वनाग्नि सुरक्षा समितियों का गठन भी किया गया है। इसके बाद भी ग्रीष्मकाल से पहले ही मार्च माह से ही जंगलों में आग लगने का क्रम शुरू हो गया है।

विगत साल वनाग्नि की 192 घटनाएं,14.78 लाख का नुकसान

61,082 हेक्टेअर क्षेत्रफल में फैले अल्मोड़ा वन प्रभाग में विगत साल आग की 122 घटनाएं हुईं। जिससे वन संपदा को 9.80 लाख का नुकसान पहुंचा। वहीं 42,418 हेक्टेअर वन क्षेत्रफल वाले सिविल सोयम वन प्रभाग में वनाग्नि की 70 घटनाएं हुईं। इन घटनाओं से वनों की संपदा को 4.78 लाख का नुकसान पहुंचा। वन प्रभागों में रिक्त पदों का हाल

पद स्वीकृत रिक्त

वन क्षेत्राधिकारी 14 4

वन रक्षक 179 74

उपराजिक 26 6

वन दरोगा 145 84 मैन पावर की कमी से समस्या है। वहीं उपलब्ध संसाधनों से वनों की आग से सुरक्षा के लिए सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। विभिन्न वन रेंजों में क्रू स्टेशनों के निर्माण के साथ ही ग्राम पंचायतों में वनाग्नि सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है। जल्द ही ग्राम पंचायतों में वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठियों का आयोजन कर ग्रामीणों को वनाग्नि सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

- दीप चंद्र पंत, डीएफओ, सिविल सोयम वन प्रभाग, अल्मोड़ा