मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा (उ.प्र.) के बीटेक मैकेनिकल अंतिम वर्श के विद्यार्थियों ने स्वतः बनाई विशेष रेसिंग कार से ग्रेटर नोएडा एवं कोयम्बटूर (तमिलनाडु) में बीते दिनों आयोजित हुए ‘‘गो कार्ट डिजायन चैलेंज‘‘ में प्रदर्शन किया। इस दौरान तकनीकी निरीक्षण, वियोजन-समायोजन ब्रेक एवं एक्सेलेरेसन टेस्ट के बाद गो कार्ट ने आयोजित स्पर्धाओं स्किड पैड, आॅटो क्राॅस तथा इण्डोरेन्स में भाग लिया।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डाॅ. पीयूश सिंघल एवं डाॅ. कमल शर्मा के निर्देशन में कप्तान लोकेश सामंत, उपकप्तान मोहम्मद जाहिद खान, दीपक सचान, मो. षारिक, प्रतीक सिंह यादव एवं मोहम्मद शहबाज की टीम ‘‘द टूल मास्टर्स‘‘ ने डिजाइन, साॅफ्टवेयर एनालिसिस, मैटेरियल टेस्टिंगम और निर्माण के विभिन्न क्रमों से होते हुए इसका निर्माण किया, जिसमें तृतीय वर्श के छात्र नमन कुमार, निलय शर्मा, दीपक निरंकारी, विवेक राॅनियार और हिमांशुल सक्सेना ने सहयोग किया है।

80 से 90 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से चलने की क्षमता वाले इस वाहन की एसोसिएशन आॅफ इनोवेशन एण्ड मेटरा इंजीनियर्स (ए.आई.एम.ई.) के बुद्धइंटरनेशनल सर्किट ग्रेटर नोएडा एवं इण्डियन सोसायटी आॅफ न्यू इरा इंजीनियर्स (आई.एन.एन.ईई.) द्वारा ‘‘कैरी मोटर स्पीडवे‘‘ कोयम्बटूर (तमिलनाडु) में आयोजित हुए गो कार्ट डिजायन चैलेंज में प्रदर्शित किया गया। तकनीकी निरीक्षण, वियोजन-समायोजन, ब्रेक एवं एक्सेलेरेसन टेस्ट के बाद इस गो कार्ट ने यहां पर आयोजित स्पर्धाओं स्किड पैड, आॅटो क्राॅस तथा इण्डोरेन्स में भाग लिया।

‘‘गो कार्ट डिजायन चैलेंज‘‘ में भाग लेकर लौटे विद्यार्थियों ने बताया कि उनके द्वारा विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में निर्मित कार ‘गो कार्ट‘ वर्ग में आती है, जो कि एक विशेष तरह की एफ-1 कारों की तुलना में कम होती है। विद्यार्थियों ने बताया कि निर्माण की गई कार का पिकअप बहुत तेज गति का है। इसी कारण उनकी कार को तमिलनाडु में आये विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया है।

विभाग के विभागाध्यक्ष ने डाॅ. सिंघल ने कहा है कि जीएलए विश्वविद्यालय के बीटेक मैकेनिकल के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित की गईं कारें काफी सराहनीय हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में तैयार की गई एटीवी नामक कार भी विश्वविद्यालय में आये विशेषज्ञों द्वारा सराही गई है।

Posted By: MMI Team