स्पो‌र्ट्स को लेकर भारतीयों में एक अलग-सा क्रेज देखने को मिलता है। चाहे वह क्रिकेट हो, बैडमिंटन, टेनिस, हॉकी, फुटबॉल या कबड्डी। इसमें क्रिकेट की लोकप्रियता सबसे अधिक है। इधर, स्पो‌र्ट्स लीग्स ने भी खेलों के प्रति दिलचस्पी बढ़ाई है। अब यह जरूरी नहीं कि आप सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर स्पो‌र्ट्स से जुड़ें, बल्कि एक कोच के रूप में भी खुद को इस क्षेत्र में स्थापित किया जा सकता है।

कोच की बढ़ती भूमिका

आज हर गेम या एथलेटिक इवेंट के लिए कोच की जरूरत होती है। एक कोच ही टीम के लिए काबिल खिलाड़ियों का चुनाव करता है। उन्हें खेल के नियम सिखाता है और दूसरे आवश्यक दिशा-निर्देश देता है। कई बार तो मैच की स्ट्रेटेजी भी वही बनाता है। वह खिलाड़ियों पर पैनी नजर रखता है और उनके खेल की कमियों को दूर करने की सलाह देता है, यानी शिक्षक के साथ-साथ आलोचक की भूमिका भी वही निभाता है।

क्वालिफिकेशन

स्पो‌र्ट्स कोच के रूप में करियर शुरू करने के लिए आपको सही शिक्षा के साथ ट्रेनिंग लेना भी जरूरी है। भारत में कई इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कर रही हैं। इसके लिए आपके पास कम से कम ग्रेजुएशन की डिग्री होनी जरूरी है। इसमें साइंस बैकग्राउंड वालों को प्रिफरेंस दिया जाता है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के अलावा किसी प्रमुख इंटरनेशनल इवेंट या कॉम्पिटिशन में देश का प्रतिनिधित्व किया होना चाहिए। साथ ही सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया होना चाहिए। कई इंस्टीट्यूट लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर ही कैंडिडेट्स की भर्ती करते हैं।

ग्रोथ के स्कोप

स्पो‌र्ट्स कोच के तौर पर आप पब्लिक के अलावा प्राइवेट सेक्टर में काम कर सकते हैं। बीसीसीआइ, आइसीसी, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन, कॉमनवेल्थ गेम्स आदि के साथ जुड़ने का मौका मिलने से न सिर्फ ग्रोथ होगी, बल्कि पहचान भी कायम होगी। इन दिनों अलग-अलग स्पो‌र्ट्स लीग में बहुत सारी टीमें खेल रही हैं। आप इनके साथ जुड़ सकते हैं। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और स्पो‌र्ट्स यूनिवर्सिटीज में फिजिकल एजुकेशन टीचर, इंस्ट्रक्टर या कोच के रूप में काम करने के बेहतर मौके हैं।

-जागरण फीचर

पढ़ें:स्मारकों के लिए प्रोफेशनल रेस्टोरर की डिमांड

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप