एलईडी लाइट रिपेयर टेक्निशियन के रूप में आप एलईडी कारखानों में नौकरी पा सकते हैं। इसके तहत एलईडी लाइट टेस्टिंग और क्वालिटी एश्योरेंस का कार्य करना होता है। एलईडी लाइट रिपेयर टेक्निशियन उन एलईडी लाइट की रिपेयरिंग का काम करता है जो किसी वजह से काम नहीं करती हैं। वह सिस्टमेटिक तरीके से काम करते हुए यह तलाशता है कि खामी क्या है और उसे दूर कर एलईडी लाइट को इस्तेमाल लायक बनाता है। इसके लिए बारीकियों पर ध्यान देने, गोल ओरिएंटेड होने और लंबे समय तक बैठकर काम करने का स्टैमिना जैसे स्किल की जरूरत होती है।

ब्ल्यू एलईडी के आविष्कारों को इस साल फिजिक्स का नोबेल प्राइज मिलने से एलईडी इन दिनों काफी चर्चा में है। हालांकि एनर्जी सेविंग के खास गुण और तेज रोशनी के कारण यह वैसे भी पॉपुलर हो रही है। रोशनी के त्योहार दीपावली में दीयों और मोमबत्तियों की जगह धीरे-धीरे एलईडी लेने लगा है। हो भी क्यों ना इनमें खर्च भी कम है, इस्तेमाल करना आसान है और यह रोशनी भी ज्यादा देते हैं। दिलचस्प बात यह है कि एलईडी के क्षेत्र में आप अपने करियर को भी रोशन कर सकते हैं। क्वालिटी लाइट्स की बढ़ती डिमांड की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनियां इसके मार्केट में पैसा लगा रही हैं। विप्रो और फिलिप्स जैसी कंपनियां भारतीय बाजार में खास तौर पर सामने आ रही हैं।

न्यू करियर फील्ड

आमतौर पर एलईडी की पढ़ाई किसी भी कॉलेज के सिलेबस में शामिल नहीं है या है भी तो बस एक चैप्टर के रूप में। कुछ संस्थान इससे जुड़े शॉर्ट टर्म कोर्स करा रहे हैं। यह कोर्स करके आप एलईडी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग कंपनियों में एलईडी इंजीनियर या डिजाइनर के रूप में करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

बड़े काम का कोर्स

पहले लाइटिंग पूरी तरह इलेक्ट्रिकल का पार्ट माना जाता था, लेकिन अब एलईडी के बढ़ते इस्तेमाल के बाद इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स के नॉलेज की भी जरूरत पड़ने लगी है। एलईडी की स्टडी में एक बड़ा हिस्सा ल्यूमिनरी का है। एलईडी में दो-तीन महीने का खास कोर्स कराया जाता है।

सैलरी

एलईडी लाइटिंग के फील्ड में

स्किल्ड फ्रेशर्स को ढाई लाख सालाना के पैकेज पर जॉब मिल सकती है। आगे आपकी सैलरी कंपनी पॉलिसी और आपके परफॉर्मेस पर डिपेंड करती है।

एंटरप्रेन्योरशिप

एलई़डी लाइटिंग के फील्ड में जॉब के अलावा एंटरप्रेन्योरशिप के भी अच्छे अवसर हैं। भारत में यही ट्रेंड ज्यादा जोर पकड़ रहा है। इंजीनियरिंग के बाद इस फील्ड में आने वाले ज्यादातर युवा एलईडी लाइटिंग में अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं।

ईएमएस में भी संभावनाएं

एलईडी लाइटिंग में कोर्स करने के बाद इसी से जुड़ी एक और स्ट्रीम है, एलईडी ड्राइवर्स यानी एलईडी लाइटिंग ऑपरेट करने के लिए वोल्टमीटर, इलेक्ट्रोमीटर आदि की इंजीनियरिंग की। इसे ईएमएस यानी इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज नाम दिया गया है। इस फील्ड में छोटी-छोटी कंपनियां तेजी से पैसे लगा रही हैं। उन्हें स्किल्ड एलईडी लाइटिंग इंजीनियर्स की तलाश है।

एलिजिबिलिटी

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशंस में बीटेक या डिप्लोमा होल्डर्स के लिए इस फील्ड में काफी संभावनाएं हैं। आइटीआइ करके भी इस फील्ड में एंट्री कर सकते हैं।

(जागरण फीचर)

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